अजीत जोगी मरे नहीं ओ अमर है मेरे बच्चे के रूप में फिर जन्म लेगे अमित जोगी,, मरवाही में जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) का ऐतिहासिक सम्मेलन सम्पन्न


पेंड्रा.. अजीत जोगी के निधन के बाद छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस जोगी का प्रथम राजनीतिक कार्यक्रम शनिवार को मरवाही उपचुनाव  की तैयारी को लेकर पेंड्रा हाई स्कूल के असेंबली हाल में संपन्न हुआ जहां पहली बार अजीत जोगी के निधन के बाद उनकी पत्नी रेणु जोगी की भावनाएं आंसुओं के रूप में बाहर आई। उन्होंने कहा कि जोगी जी ने मुझे अपने जीवन में कई बार आश्चर्यचकित किया है। उन्होंने जो कुछ पाया मरवाही की जनता के आशीर्वाद से पाया। उसका श्रेय मरवाही को जाता है और इस बार पांचवी बार भी मरवाही की जनता जोगी परिवार का सहारा बनेगी।

अजीत जोगी के निधन के बाद खाली हुई मरवाही सीट पर लगातार कांग्रेस और भाजपा के नेताओं की सक्रियता के बाद आज छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस (जे) ने कार्यकर्ताओं को संगठित करने के लिए पहली बैठक पेंड्रा मल्टीपरपज हायर सेकेंडरी स्कूल के असेंबली हॉल में की जिसमें हजारों कार्यकर्ता उपस्थित हुए। कार्यकर्ताओं से खचाखच भरे हाल में जब नेताओं के भाषण देने की बारी आई तब ज्यादातर नेताओं और कार्यकर्ताओं के गले भराए। अजीत जोगी की कमी सभी के भाषण में साफ नजर आ रही थी।

इस मौके पर जनता कांग्रेस जोगी पार्टी के विधायक दल के नेता एवं लोरमी विधायक धर्मजीत सिंह ने कांग्रेसी नेताओं और मंत्रियों के दौरे के बाद कुछ जोगी समर्थकों के कांग्रेस में शामिल होने पर चुटकी लेते हुए कहा कि लोकसभा चुनाव के दौरान भी कई कार्यकर्ताओं को बड़े पदों का लालच देकर कांग्रेस में शामिल किया गया था और अब जाकर निगम मंडल की नियुक्ति हुई है। लिस्ट उठाकर देख लीजिए किसे पद दिया गया है। कांग्रेस में शामिल हुए कार्यकर्ताओं को देख लीजिए। सब दही के लालच में गए थे चूना चाट रहे हैं। धर्मजीत सिंह ने कहा कि जोगी और जोगी परिवार का रिश्ता मरवाही से परिवार के सदस्य के जैसा है जिसे जोगी और मरवाही की जनता ने पूरी शिद्दत से निभाया है और उनका आशीर्वाद जोगी परिवार पर हमेशा ही बना रहेगा।

वहीं कोटा विधायक रेणु जोगी भी जब माइक पर पहुंची तो गला भर आया और उन्होंने कहा कि जोगी जी ने अपने काम से हमेशा मुझे चौकाया है। वह 4 जिलों में कलेक्टर रहे। उसके बाद 2 घंटे में नौकरी छोड़ राज्यसभा चले गए। 2009 में जब सोनिया गांधी ने उन्हें मरवाही छोड़कर महासमुंद से लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए कहा तो जोगी जी ने यह कहकर मना कर दिया कि एक बार मरवाही की जनता को छोड़ा था, अब नहीं छोड़ सकता। उनका प्यार मरवाही के लोगों के लिए मुझसे और अमित से भी ज्यादा था।

वही अपने निवास पर होमकोराइन्ट अमित जोगी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि पापा के जाने के बाद मरवाही में जल्द ही उपचुनाव होने वाला है। मैं केवल आप लोगों से इतना कहूँगा कि मरवाही के विधायक, मरवाही के कमिया अजीत जोगी जी थे, अजीत जोगी हैं और अजीत जोगी रहेंगे। आत्मा कभी नही मरती और मरवाही अजीत जोगी जी की आत्मा है जो कभी नही मर सकती। कुछ मित्र चाहते हैं कि मरवाही और जोगी का भात और जात का रिश्ता टूट जाये। रायपुर से चाबी भरकर लाल बत्ती वालों को मरवाही में चुनाव लड़ने नहीं भेजा जा रहा है। वो अजीत जोगी की पहचान को मिटाने मरवाही आये हैं। ये चुनाव मरवाही के मान का चुनाव है, जोगी जी के आत्म-सम्मान का चुनाव है। और जब तक हमारे में जान है- मरवाही के मान और जोगी जी के आत्म-सम्मान का बाल भी बाँका नहीं होगा। अमित जोगी ने भावुक होके कहा कि अजीत जोगी मरे नही है, वो कभी नही मर सकते। वो अमर है ! मेरी धर्मपत्नी ऋचा जल्द ही माँ बनने वाली है। जोगी जी बहुत खुश थे कि वो दादा बन रहे हैं लेकिन समय को कुछ और ही मंजूर था। मुझे पूरा विश्वास है कि वो मेरे बच्चे के रूप में जन्म लेकर हम सब के बीच एक बार फिर आएंगे। अमित ने अपने पिता की कविता का उल्लेख हुए कहा कि इसमें किसी को कोई शक नहीं होना चाहिए कि जिसका सारथी बनकर स्वयं अजीत जोगी जी रथ चला रहे हैं, उस रथ के आगे कौरवों की सेना का परास्त होना तय है।

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