अजूबा… एक महिला की दो पंचायतों मे दो बार मौत पंचायतों में सचिवों को जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने की जिम्मेदारी

महासमुंद- शासन ने जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने की जिम्मेदारी प्रत्येक ग्राम पंचायतों में सचिवों को सौंपी है लेकिन सचिव इस महत्वपूर्ण कार्य में भी घोर लापरवाही बरत रहे हैं. एक ही महिला का दो ग्राम पंचायतों के सचिवों ने अलग-अलग मृत्यु तिथि में प्रमाण पत्र भी बनाकर जारी कर दिया है नतीजन एक मृत महिला को मौत के बाद भी न्याय के लिए इंतजार करना पड़ रहा है. एक महिला की दो बार मौत कैसे हो सकती है इस प्रश्न का जवाब केवल लोहड़ीपुर पंचायत के सचिव ही दे सकते हैं. जिनके अनुसार एक मृत महिला के दोबारा मृत होने का रिकार्ड उन्होनें दर्ज किया है.
जानकारी के अनुसार बसना विकासखण्ड के ग्राम पंचायत लोहड़ीपुर के आश्रित ग्राम पतेरापाली निवासी नीनीबाई अपनी पुत्री के साथ सरायपाली विकासखण्ड के ग्राम पंचायत अमरकोट के आश्रित ग्राम बानीपाली में रहती थीं. उनकी मृत्यु 18/03/2019 को हो गई. ग्राम पंचायत अमरकोट से बकायदा मृत्यु प्रमाण पत्र भी वहां के सचिव ने जारी किया. इसके बाद ग्राम पंचायत लोहड़ीपुर के सचिव ने नीनीबाई की मृत्यु 17/07/2019 को होना मृत्यु पंजीयन रजिस्टर में दर्ज कर दिया. एक ही महिला की दो अलग-अलग ग्राम पंचायत से मृत्यु प्रमाण जारी होना एवं उसमें मृत्यु तिथि 4 माह का अंतर सचिव की घोर लापरवाही को उजागर करता है.
इसकी जानकारी होने पर लोहड़ीपुर के उपेन्द्र त्रिपाठी ने इस मामले की लिखित शिकायत, साक्ष्य दस्तावेज सहित अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सरायपाली में की है। शिकायतकर्ता उपेन्द्र त्रिपाठी ने आवेदन में बताया है कि लोहड़ीपुर के सचिव द्वारा घोर लापरवाही बरतते हुए नीनीबाई के मृत्यु संबंधी जो आंकड़े ग्राम पंचायत लोहड़ीपुर के रिकार्ड में दर्ज किया है उससे जन्म-मृत्यु सांख्यिकी आंकड़ा भी प्रभावित होता है इसलिए दोषी सचिव के विरूद्व उचित कार्रवाई किए जाने की मांग की गई है. अमरकोट सचिव गोमती नायक ने बताया कि जनपद पंचायत सरायपाली से सूचना मिली और इस संबंध में पंचनामा तैयार कर दस्तावेज दे दिया है. यह मृत्यु प्रमाण मैंने जारी नहीं की है. तात्कालिक सचिव रामकुमार पटेल ने जारी किया है.

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