Monday, September 28

अफगानिस्तान में पाकिस्तान की फजीहत, होटल ने नहीं दी कश्मीर पर भारत के खिलाफ प्रोग्राम की इजाजत

काबुल। अफगानिस्तान में पाकिस्तान दूतावास को उस वक्त मुंह की खानी पड़ी जब उसे एक होटल ने कश्मीर मुद्दे पर भारत विरोधी आयोजन के लिए अनुमति देने से मना कर दिया। हालांकि, इसके लिए पाकिस्तानी दूतावास के अधिकारियों ने ‘अफगान सरकार के दबाव’ को वजह बताया है, लेकिन अफगानिस्तान सरकार की तरफ से ऐसी कोई बात सामने नहीं आई है।
पाकिस्तानी मीडिया में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान सरकार द्वारा देश और दुनिया में बुधवार (5 फरवरी) को ‘कश्मीर एकजुटता दिवस’ मनाया गया। इसके तहत देश के साथ-साथ विदेश में भी आयोजन किए गए। इसी सिलसिले में अफगानिस्तान की राजधानी काबुल के एक होटल में आयोजन होने वाला था, लेकिन होटल ने आयोजन से कुछ घंटे पहले इसकी अनुमति देने से इनकार कर दिया।
रिपोर्ट में पाकिस्तानी दूतावास के एक अधिकारी के हवाले से कहा गया है, “होटल को आयोजन स्थल के रूप में एक हफ्ता पहले चुना गया था। होटल प्रबंधन ने पहले सुरक्षा कारणों से कार्यक्रम के आयोजन की अनुमति देने से मना किया। प्रबंधन ने मंगलवार (4 फरवरी) शाम साढ़े चार बजे दूतावास को इस बारे में बताया। जब हमने होटल प्रबंधन से पूछा कि अब सभी इंतजाम हो चुके हैं, दावतनामे भेजे जा चुके हैं, तब अनुमति क्यों नहीं दी जा रही है। इस पर होटल प्रबंधन ने कहा कि उन्हें ‘अफगान सरकार के उच्चपदस्थ लोगों की तरफ से’ होटल के हाल की बुकिंग को रद्द करने और आयोजन नहीं होने देने के लिए कहा गया है।”
अधिकारी ने कहा, “अफगान सरकार के दबाव के कारण होटल प्रबंधन ने कश्मीर पर आयोजन को रद्द कर दिया। हमने इस्लामी सहयोग संगठन के देशों के राजदूतों, अफगान राजनेताओं, सांसदों और मीडिया को कार्यक्रम के लिए न्योता दिया था। बाद में इस कार्यक्रम को दूतावास में शिफ्ट कर दिया गया।”
मीडिया रिपोर्ट में इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है कि इस पर अफगानिस्तान सरकार की तरफ से कोई टिप्पणी की गई है या नहीं। गौरतलब है कि भारत की ही तरह अफगानिस्तान भी पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद से प्रभावित रहा है और इस वजह से उसके संबंध पाकिस्तान के साथ तल्ख बने हुए हैं।
इस बीच बड़ी संख्या में लोगों ने पाकिस्तानी दूतावास के बाहर पाकिस्तान के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। ‘पाकिस्तान मुर्दाबाद’ और ‘पाकिस्तान दुश्मन है’ जैसे संदेशों वाली तख्तियां लेकर प्रदर्शनकारी पश्तून तहफुज आंदोलन के प्रमुख मंजूर पश्तीन को रिहा करने की मांग कर रहे थे। पश्तून तहफुज आंदोलन पाकिस्तान में जातीय पश्तून लोगों की सुरक्षा के लिए चलाया जा रहा था। पश्तीन (27) को पिछले महीने पेशावर में नौ समर्थकों के साथ गिरफ्तार कर 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *