इस बार कौन बनेगा महामूर्ख ?


  1. देश के एकमात्र कार्टून पत्रिका कार्टून वाॅच द्वारा होली के अवसर पर आयोजित किये जाने वाले महामूर्ख सम्मेलन का यह रजत जयंती वर्ष है. हर बरस किसी ना किसी गणमान्य व्यक्ति को यह उपाधि दी जाती है और लोग इसे सहर्ष स्वीकार भी करते हैं. सत्ता के गलियारे में इस बात को लेकर चर्चा गर्म है कि 25वें वर्ष में कार्टून वाॅच इस बार किसे यह ताज पहनाने जा रही है और क्यों ? ज्ञातव्य है कि इस उपाधि से भूपेश बघेल सन 2000 में ही नवाजे जा चुके हैं जब वे अविभाजित मध्यप्रदेश के परिवहन मंत्री थे. इस सूची में काफी प्रतिष्ठित नाम शमिल हैं जैसे रमेश बैस, सरोज पाण्डेय, बृजमोहन अग्रवाल, राजेश मूणत, अजय चंद्राकर, कुलदीप जुनेजा, चंद्रशेखर साहू, विमल चोपड़ा, प्रमोद दुबे, केदार कश्यप, विकास उपाध्याय एवं अन्य.
    कार्टून वाॅच के सम्पादक त्रयम्बक शर्मा ने जारी विज्ञप्ति में बताया कि इस वर्ष यह आयोजन 8 मार्च 2020 को संध्या 5 बजे रायपुर के हरिभूमि प्रांगण में किया जायेगा. इस बार यह आयोजन हरिभूमि और आईएनएच न्यूज चैनल के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है. श्री शर्मा ने कहा कम से कम मूर्खता का विषय ऐसा होना चाहिये जिसमें लोग अपनी परिधि को लांघ कर बिना किसी झिझक के शामिल हो सकें. उन्होंने बताया कि विगत 24 वर्षों में अनेक मीडिया माध्यमों का सहयोग महामूर्ख सम्मेलन के लिये मिला जिनमें जी24घण्टे, तड़का, रेडियो मिर्ची, माय एफएम, आईबीसी24 और सभी समाचार पत्र शामिल हैं.
    कार्टून वाॅच के सम्पादक त्रयम्बक शर्मा ने बताया कि विगत 24 वर्षों में अनेक गणमान्य लोगों को महामूर्ख का खिताब एक सकारात्मक सोच के साथ प्रदान किया गया. उन्होंने कहा कि महामूर्ख सम्मेलन भारत की एक पुरानी परंपरा है जो धीरे धीरे विलुप्त हो रही है. श्री शर्मा ने कहा कि कार्टून वाॅच इस परंपरा को सकारात्मक और रचनात्मक सोच के साथ सहेजे हुये है.
    इस वर्ष होने वाले आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश की राज्यपाल सुश्री अनुसुइया उइके उपस्थित रहेंगी, विशेष अतिथि के रूप में डाॅ. रश्मि सिंह, विधायक तखतपुर एवं अध्यक्षता करेंगे प्रधान संपादक डाॅ. हिमांशु द्विवेदी. विश्व महिला दिवस के दिन होने वाले महामूर्ख सम्मेलन में, महिला कवियत्री श्रीमती संध्या रानी शुक्ला और दीपिका झा अपनी कविताओं का पाठ करेंगी वहीं हास्य कवि रामेश्वर वैष्णव, किशोर तिवारी और उमाशंकर मनमौजी अपनी कविताओं से श्रोताओं को हंसने पर मजबूर करेंगे. इनके अलावा कवर्धा के मिमिक्री कलाकार कौशल साहू और अनूप श्रीवास्तव की जोड़ी दर्शकों को गुदगुदाने का काम करेगी.
    श्री शर्मा ने बताया कि महामूर्ख का खिताब सकारात्मक मूर्खता करने के लिये दिया जाता है. आज ईमानदारी को, सहयोग करने को या दूसरों का हित सोचने को मूर्खता कहा जाता है और माना भी जाता है. कार्टून वाॅच का मानना है कि ऐसी मूर्खताऐं करने योग्य होती हैं और इसलिये ऐसे व्यक्तियों का सम्मान होना ही चाहिये.

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