Friday, September 25

उड़ीसा ओर छःत्तीसगढ़ की सीमा पर फंसे राजस्थान के मजदूर

 

IMNB NEWS महासमुंद
किशोर कर ब्यूरोचीफ

कोरोना वायरस की वजह से समूचे देश में इन दिनों लाक डाउन चल रहा है… रोजीरोटी की तलाश में अन्य प्रांतों में पलायन कर गए मजदूर भटक रहे हैं … पेट की आग बुझाने के लि ए निरुपाय होने के बाद लाक डाउन के बीच ही घर लौटने की विवशता मजदूरों के दर्द को बयां कर रही है । ओडिशा से ट्रकों मे सवार हो कर छत्तीसगढ़ पंहुचने वाले राजस्थान के दो सौ मजदूरों को जब नेशनल हाईवे 53 पर छत्तीसगढ़ ओडिशा सीमा पर महासमुंद जिले के सिंघोडा थाना पुलिस रोकने की कोशिश करती है तब सभी मजदूर हाईवे पर पैदल ही छत्तीसगढ़ की सीमा में कूच करने लगते हैं। पुलिस काफी मशक्कत के बाद करीब पांच किमी छत्तीसगढ़ में अन्दर आने के बाद सिंघोडा मे मजदूरों को रोकती है … लेकिन मजदूरों के इस तरह छत्तीसगढ़ पंहुचने के बाद कई सवाल खडे हो गए हैं …. लाकडाउन के बीच ओडिशा सरकार ने मजदूरों को कैसे छत्तीसगढ़ तक आने की अनुमति दे दी…? मजदूरों के भोजन पानी की व्यवस्था न हो पाना भी सवाल खडा करता है … कोरोना वायरस के खौफ के बीच मजदूरों का दर्द काफी दर्दनाक होने के बाद भी शासन प्रशासन का रवैया मजदूरों की समस्या समाधान की दिशा में सकारात्मक न हो पाना सवालों के दायरे में आ गया है । दूसरी ओर छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर की एक फैक्ट्री में काम करनेवाले ओडिशा के 38 मजदूरों को रेललाइन मार्ग से होकर ओडिशा के लिए पैदल कूच कर जाना भी लाकडाउन के दौरान छत्तीसगढ़ सरकार की व्यवस्था पर सवाल खडा करता है …. हालांकि महासमुंद पुलिस ने इन मजदूरों को रास्ते में ही रोकने में सफलता हासिल कर ली लेकिन लाकडाउन के बीच राजधानी रायपुर से मजदूरों के जत्थे का महासमुंद तक पैदल पंहुच कर आ जाना लाकडाउन के दौरान सरकारी व्यवस्था की पोल खोलता नजर आ रहा है..। अब प्रश्न उठना लाजिमी है कि मजदूरों के दर्द को देखने और समझने में सरकारें गंभीरता क्यों नहीं दिखा रही हैं ? क्या प्रधानमंत्री और प्रदेश के मुख्यमंत्री के निर्देशों के परिपालन मे लापरवाही बरती जा रही है ? सवाल और भी बहुत से हैं …लेकिन कोरोना वायरस जैसी वैश्विक महामारी के से बचाव के लिए अपनाए जा रहे उपायों के बीच आगामी 14 दिनों के लिए और अधिक सावधानी और गंभीरता लाने की आवश्यकता है जिसके लिए प्रशासन तंत्र और आम जन को और अधिक चुस्त रहने की आवश्यकता है ब्यवस्था दुरुस्त करने के साथ जरुरतमंदों तक सहायता पहुंचाने का समुचित प्रबंध किए जाने की आवश्यकता है ।

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