Sunday, September 27

एटीआर के महिला गाईड देशभर के पार्कों के लिए रोजगार आदिवासी समाज को स्वावलंबी बनाने मददगार होगी

बिलासपुर (अमित मिश्रा IMNB NEWS)

छत्तीसगढ़ में नारी शक्ति का बढ़ता एक मजबूत कदम देखने को मिला , छत्तीसगढ़ के अचानकमार टाइगर रिजर्व में पर्यटकों को जंगल सैर कराने के लिए गाईड की जरूरत होती है,पूरे हिदुस्तान में जहां भी नेशनल पार्क होते है वहां पुरुष गाईड ही देखने को मिलता है, लेकिन यहां महिला गाईड की नियुक्ति पिछले तीन वर्षों से कर वन विभाग ने मील का पत्थर साबित कर दिखाया है।जिसकी चर्चा पर्यटकों के बीच “गौरवान्वित हो गए हम छतीसगड़िया” देखने सुनने को मिल रहा है।
वन एवं पर्यावरण के जानकार पूर्व राज्य वन्यप्राणी सलाहकार प्राण चड्डा ने IMNB को बताया कि शायद किसी भी पार्क में महिला गाईड दिखने को नही मिलता है सिर्फ कान्हा में एक महिला गाईड है जो अनुकम्पा के तहत लिया गया है,अचानकमार टाइगर रिजर्व में पिछले तीन वर्षों से महिला गाईड बतौर कार्य कर रही है।
प्राण चड्डा ने अपने फेसबुक वॉल पर एक नामकरण “वन बाला” दिया है।
टाइगर रिजर्व में कुल 12 महिला गाईड है, जो पर्यटकों को लेकर जिप्सी में जाती है और उन्हें वन एवं वन्यप्राणियों की जानकारी बड़ी बखूबी के साथ देती है।
कई मर्तबे इन महिला गाईड ने टाइगर एवं पैंथर के साथ अन्य वन्यप्राणियों को दिखाया है, वे सभी पुर्णतः प्रशिक्षित है।
अक्सर देखने को मिलता है कि वनवासी युवक-युवतियों को रोजगार के लिए अपने निवास से दूर भटकना पड़ता है, साथ ही वे अपने सांस्कृतिक परिवेश कट जाते है जिससे वह कटते जा रहे है, क्योंकि यही बच्चे बचपन से जंगलों के बीच पले बढ़े हैं, और वे रहते तो कभी जंगल तेजी से नही कटते ! यदि युवा हाथों को उनके घर के निकट रोजगार मिल जाता है तो वे अपनी मिट्टी-पानी से जुड़े रहेंगे,और वन भी सुरक्षित होंगे।
वन की महिलाओं को गाईड का रोजगार आदिवासी समाज को स्वावलंबी बनाने में मददगार साबित होंगे।
अचानकमार के ये महिला गाईड के रूप में अपने मेहनत और कार्यानुभव की वजह से शीघ्र लोकप्रिय होंगी तथा वे अपने वन की रक्षा भी बेहतर ढंग से करेंगी।

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