Monday, September 28

कन्हैय्या के मोर्चा खोलते स्कूल प्रबंधन के होश ठिकाने,ना फीस का दबाव ना ऑनलाइन रोकी जायगी पढ़ाई

 दक्षिण विधान सभा के प्रत्याशी कांग्रेस  नेता कन्हैय्या अग्रवाल के निजी स्कूलों के खिलाफ ओर पालको के पक्ष में मोर्चा खोलते ही मचा हड़कंप अभिभावकों को खुले तौर ओर राष्ट्रपति के आदेश का निजी स्कुलो द्वारा पालन नही किये जाने और एफआईआर करवाने की बन रही एकजुटता से घबरा कर अब जा कर लिया गया फैसला,आप को बता दे निजी स्कूल की मनमानी के खिलाफ पश्चिम विधायक विकास उपाध्याय भी मुखर हुए थे। लगातार कांग्रेस नेताओं के पालको के पक्ष में बयान आने से शिक्षा माफिया में हड़कम्प मच गया और पालको ओर छात्रों के हित मे फैसला लेने मजबूर हुए। हलाकि स्कूल प्रबधनो की चालाकियों पर अब भी भरोसा नही किया जा सकता है: बहार हाल फ़ीस को लेकर स्कूल प्रबंधन और पालकों के बीच बनी विवाद की स्थिति वरिष्ठ विधायक सत्यनारायण शर्मा और महापौर एजाज ढेबर की पहल पर आखिरकार दूर हो गई. पालकों पर अब फीस को लेकर दबाव नहीं बनाया जाएगा, और न ही किसी बच्चे की ऑनलाइन पढ़ाई रोकी जाएगी.

 

जिला शिक्षा अधिकारी और निजी स्कूल प्रबंधन फेडरेशन के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में हुई बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी देते हुए विधायक सत्यनारायण शर्मा ने कहा कि बैठक में सार्थक चर्चा हुई है. सभी का पक्ष सुना गया है. उसके अनुसार फ़ैसला लिया गया है कि न किसी बच्चे की पढ़ाई रोकी जाएगी, न ही फ़ीस के नाम पर दबाव बनाया जाएगा. जिन पालकों को समस्या है वो ही स्कूल तक पहुँचे और अपनी समस्या को अवगत कराएं, स्कूल के द्वारा राहत दी जाएगी.

वहीं निजी स्कूल मैनेजमेंट के अध्यक्ष राजीव गुप्ता ने कहा कि सरकार ने आगे बढ़कर समझौता कराया है. निश्चित तौर पर आज तय हुए नियमानुसार प्रदेश के सभी स्कूलों को निर्देशित कर दिया जाएगा. सोमवार से जितने बच्चों की पढ़ाई रोक दी गई थी, उसको फिर से प्रारंभ किया जाएगा. साथ ही आश्वासन दिया गया है कि शिक्षा के अधिकार के तहत पेंडिंग भुगतान को बहुत जल्द दिया जाएगा.

जिला शिक्षा अधिकारी जीआर चंद्राकर ने कहा बैठक में सार्थक निर्णय हुआ है. बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो ना ही किसी बच्चों को स्कूल से निकाला जाए. बावजूद ऐसी शिकायत आने पर उचित कार्रवाई की जाएगी. वहीं महापौर एजाज ढेबर ने कहा कि यह सिर्फ़ रायपुर बस के लिए नहीं है, पूरे प्रदेश में आज से किसी भी बच्चों की पढ़ाई नहीं रोकी जाएगी, ना ही फ़ीस के लिए परेशान किया जाएगा. जो पालक फ़ीस जमा करने में सक्षम है, वो ज़रूर करें, और जो और असक्षम है वो अपनी समस्या

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *