किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद-बीज उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें-प्रभारी सचिव गोबर खरीदी के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश

उत्तर बस्तर कांकेर 29 जुलाई 2020ः- छत्तीसगढ़ शासन के कृषि सचिव एवं कांकेर जिले के प्रभारी सचिव श्री धनंजय देवांगन की अध्यक्षता में जिले के वरिष्ठ अधिकारियों की मंगलवार को बैठक आयोजित किया गया। कलेक्टर श्री के.एल. चौहान, पुलिस अधीक्षक एम.आर. अहिरे, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. संजय कन्नौजे सहित जिले के वरिष्ठ अधिकारियों की  उपस्थिति में आयोजित इस बैठक में प्रभारी सचिव श्री देवांगन द्वारा निर्देशित किया गया कि वर्मी कम्पोस्ट की खरीदी गौठान समितियों से ही किया जाये। किसान भाई भी वर्मी कम्पोस्ट खरीदना चाहें तो उन्हें गोठान समिति से प्रदाय किया जावे, विक्रय के लिए गौठान में वर्मी कम्पोस्ट उपलब्ध होने की जानकारी किसानों को हो सके, इसके लिए प्रचार-प्रसार किया जाये। गोबर खरीदी के प्रतिदिन के  मॉनिटरिंग  के लिए गौठानवार नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश उनके द्वारा दिये गये। विभागवार समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि कोविड-19 के बचाव एवं ऐहतियात बरतते हुए अधिकारी-कर्मचारी अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें।
प्रभारी सचिव श्री देवांगन ने कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि गोबर की आवक को ध्यान में रखते हुए वर्मी कम्पोस्ट बनाने केंचुआ पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध करायें। कार्ययोजना बनाकर कोदो, कुटकी, दलहन, तिलहन फसलों को बढ़ावा देने के निर्देश दिये। वन अधिकार पट्टाधारियों को भूमि समतलीकरण से लाभान्वित करने तथा किसान सम्मान निधि में शत-प्रतिशत किसानों का पंजीयन कराने के निर्देश भी दिये गये। उन्होंने कहा कि जिले के प्रत्येक उचित मूल्य की दुकानों में खाद-बीज पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध करायें तथा समय पर किसानों को वितरण कराना सुनिश्चित करें। जिले में जहां पर गौठान की आवश्यकता है और जगह की कमी है, उस स्थान पर सामुदायिक वन अधिकार पट्टा के माध्यम से भूमि उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।
प्रभारी सचिव श्री देवांगन ने जल संसाधन विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि सरकार की मंशानुरूप नरवा के स्वीकृत कार्य को शीघ्र पूर्ण करायें तथा सिंचाई पानी से किसानों को लाभान्वित भी करें।  उन्होंने ग्राम लखनपुरी में बनाई गई घुरवा का प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि बरसात के पश्चात जिले के सभी विकासखण्डों में इसी प्रकार की घुरवा बनाई जाये। उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि बाड़ी योजना के लक्ष्य की पूर्ति करायें तथा किसानों को खाद-बीज आवश्यकतानुसार उपलब्ध करायें। किसानों को बाड़ियों में साग-सब्जी भरपूर मात्रा में लगाये जाने के लिए प्रोत्साहित किया जावे। प्रभारी सचिव श्री देवांगन ने बैठक में इस वर्ष वृक्षारोपण के लक्ष्य एवं अब तक रोपित पौधों की जानकारी लिया।
कलेक्टर श्री के.एल. चौहान ने वन अधिकार पट्टा की जानकारी देते हुए बताया कि जिले में पिछले वर्ष 23 हजार 819 व्यक्तिगत, 989 सामुदायिक और 18 वन संसाधन के पट्टा वितरण किया गया है। इस वर्ष 4507 सामुदायिक और 3038 व्यक्तिगत प्रकरण का जिला स्तरीय वन अधिकार समितियों के माध्यम से अनुमोदित किया गया है। मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लिनिक योजना में 32 शिविर के माध्यम से 38,891 मरीजों का उपचार कराया गया है, जिस पर प्रभारी सचिव ने औसत से कम मरीजों का ईलाज करने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि हाट-बाजार क्लिनिक योजना को प्राथमिकता के साथ प्रभावी बनायें। उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि आंगनबाड़ी केन्द्रों के बच्चों को सूखा राशन घर-घर जाकर वितरण करायें तथा बच्चों के वजन का सत्यापन कराया जाये, कुपोषण में कमी लाने के लिए प्रत्येक घरों में मुनगा के पौधे लगाने के निर्देश भी दिये गये। प्रभारी सचिव श्री देवांगन ने स्वीकृत निर्माण कार्यों को गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिये।
बैठक में वन मण्डलाधिकारी कांकेर अरविन्द पी.एम., वन मण्डलाधिकारी पूर्व भानुप्रतापपुर मनीष कश्यप, वन मण्डलाधिकारी पश्चिम भानुप्रतापपुर आर.सी. मेश्राम, अपर कलेक्टर सुरेन्द्र प्रसाद वैद्य, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एल. उईके, आदिवासी विकास विभाग के उपायुक्त विवेक दलेला सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

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