केजरीवाल का शपथ ग्रहण समारोह दिल्ली तक ही रहेगा सीमित, दूसरे मुख्यमंत्रियों को न्यौता नहीं

नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल के शपथ ग्रहण समारोह में किसी मुख्यमंत्री या अन्य राज्यों के नेताओं को आमंत्रित नहीं किया जाएगा। केजरीवाल 16 फरवरी को यहां रामलीला मैदान में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। पार्टी नेता गोपाल राय ने गुरुवार को यह जानकारी दी। आप की दिल्ली इकाई के संयोजक राय ने बताया कि केजरीवाल दिल्ली में आयोजित होने वाले समारोह में तीसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे।
उन्होंने कहा, ‘‘कोई मुख्यमंत्री या अन्य राज्यों के किसी नेता को इस समारोह में आमंत्रित नहीं किया जाएगा, यह केवल दिल्ली तक सीमित रहेगा।’’ उन्होंने कहा कि केजरीवाल दिल्ली के लोगों के बीच शपथ लेंगे, जिन्होंने उनके नेतृत्व में एक बार फिर विश्वास दिखाया है। आप के नेता ने कहा कि कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों और अन्य राज्यों के गैर भाजपा नेताओं को आमंत्रित कर पार्टी नहीं चाहती कि वह केंद्र सरकार के साथ ‘‘टकराव’’ जैसा कोई संदेश दे।
उन्होंने कहा, ‘‘2013 और 2015 के शपथ ग्रहण समारोहों में भी अन्य राज्यों के नेताओं और मुख्यमंत्रियों को आमंत्रित नहीं किया गया था। पार्टी 16 फरवरी को आयोजित कार्यक्रम को दिल्ली केंद्रित रखना चाहती है।’’गौरतलब है कि आठ फरवरी को हुए दिल्ली विधानसभा चुनाव में आप ने 70 में से 62 सीटों पर जीत हासिल की और पार्टी यहां तीसरी बार सरकार बनाने जा रही है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आठ सीटों पर जीत हासिल की है और कांग्रेस को कोई सीट हासिल नहीं हुई।
आप के एक अन्य नेता ने बताया कि प्रोटोकॉल कारणों से दिल्ली के सभी सातों सांसदों और पार्टी के नवनिर्वाचित विधायकों को शपथ ग्रहण समारोह के लिए आमंत्रित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि समारोह सरकारी कार्यक्रम होगा जिसमें आम लोग शिरकत कर सकेंगे। आप ने इस बृहद् कार्यक्रम के लिए काफी संख्या में लोगों को जुटाने की योजना बनाई है और पार्टी के सभी नवनिर्वाचित विधायकों से अपने-अपने क्षेत्रों से काफी संख्या में लोगों को लाने के लिए कहा गया है।
आप के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया ने बुधवार को दिल्ली के लोगों से आग्रह किया कि रामलीला मैदान में सुबह दस बजे शुरू होने वाले शपथ ग्रहण समारोह में बड़ी संख्या में शिरकत करें। केजरीवाल के नये कैबिनेट में नये चेहरे शामिल किए जाने की संभावना नहीं है क्योंकि उम्मीद है कि वह सभी छह निवर्तमान मंत्रियों को बनाए रखेंगे। निवर्तमान कैबिनेट में केजरीवाल और सिसोदिया के अलावा सत्येन्द्र जैन, गोपाल राय, राजेन्द्र पाल गौतम, इमरान हुसैन और कैलाश गहलोत शामिल हैं।

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