गोठान का कड़वा सच ,पैरा संकलन के लिए लाखों रुपया किए गए खर्च , उचित रखरखाव के अभाव में सड़ गया पूरा पैरा

किशोर कर ब्यूरोचीफ महासमुंद

पैरा संकलन के लिए लाखों रुपया किए गए खर्च , उचित रखरखाव के अभाव में सड़ गया पूरा पैरा

गोठान को लेकर नहीं बरती जा रही है गंभीरता

महासमुंद- छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी नरवा गरवा घुरवा बाड़ी योजना में से गोठान योजना के तहत कई जगह गठान बनाए जा रहे हैं जहां मवेशियों के लिए पैरा का संकलन भी लाखों रुपए खर्च कर किया गया है लेकिन बारिश से ठीक पहले कराए गए पैरा संकलन के उचित रखरखाव के अभाव में कई जगह पैरा सड़ गया जिससे शासन के लाखों रुपया बर्बाद हो गया इस तरह की लापरवाही का मामला सराईपाली जनपद क्षेत्र में सामने आया है जहां ग्राम पंचायत स्तर पर गोठान में कराए गए पैरा संकलन का कार्य लापरवाही की भेंट चढ़ गया है । सरायपाली जनपद पंचायत क्षेत्र के कई पंचायतों में पैरा के संकलन उपरांत उसके उचित रखरखाव नहीं होने से न तो मवेशियों को चारे के तौर पर उसका उपयोग हो पाया और ना ही उसे सुरक्षित रखा जा सका जो अब बारिश के दिनों में पूरी तरह से सड़ कर बर्बाद हो चुका है ऐसे हालात में गौठान में मवेशियों को किस तरह से चारा मिल पाएगा यह सवाल खड़ा हो गया है हम आपको बता दें कि शासन के निर्देश के अनुरूप गोठानो में मवेशियों को चारा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ग्राम पंचायतों के माध्यम से पैरा संकलन का कार्य लाखों रुपए खर्च कर कराया गया था लेकिन पैरा के उचित रखरखाव और सुरक्षित रखने की दिशा में कहीं कोई पहल नहीं की गई जिससे गठान इलाकों में रखे गए पैरा अवसर गया है सड़े हुए पहले का उपयोग अब मवेशियों के चारा के तौर पर नहीं किया जा सकता ऐसे हालातों में लाखों रुपए खर्च करने के बाद भी मवेशियों को चारा का लाभ नहीं मिल पाने से कई सवाल सामने आ गए हैं और शासन को लाखों रुपए के इस कार्य में खर्च होने के बाद भी इसका लाभ नहीं मिल पा ना बड़ी लापरवाही की ओर इंगित करता है।

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