छत्तीसगढ़ी बोलना अनिवार्य हो, राज बोली का दर्जा मिले: जोगी कांग्रेस

रायपुर।दिनांक 11/09/2020। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के मीडिया प्रमुख, मध्यप्रदेश पाठ्यपुस्तक निगम के पूर्व अध्यक्ष, पूर्व उपमहापौर तथा वरिष्ठ अधिवक्ता इकबाल अहमद रिजवी ने मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल को एक सुझावी पत्र भेजा है जिसमें छत्तीसगढ़ी को राज बोली का दर्जा दिए जाने की सामयिक मांग उठाई गई है जो छत्तीसगढ़ी बोली एवं छत्तीसगढ़ प्रदेश के निवासियों के हक की जायज मांग है। छत्तीसगढ़ी बोली छत्तीसगढ़ के निवासियों की मातृभाषा (बोली) है जिसका विकास प्रदेश की सरकार का प्रथम दायित्व है।
रिजवी ने कहा है कि प्रदेश की बोली छत्तीसगढ़ी का स्तर ऊंचा उठाने के लिए सभी के द्वारा सभी क्षेत्रों में छत्तीसगढ़ी बोली को महत्व देना अतिआवश्यक है। इसके लिए सर्वप्रथम छत्तीसगढ़ शिक्षण विभाग के स्कूली पाठ्यक्रम में पहली कक्षा से लेकर आठवीं तक की कक्षाओं के सिलेबस में छत्तीसगढ़ी बोली का एक विषय अनिवार्य किया जाए। छत्तीसगढ़ी बोली की लिपि हिन्दी अर्थात् देवनागरी ही रहेगी तथा शब्द छत्तीसगढ़ी बोली के ही होंगे। इस विषय में छत्तीसगढ़ का हर क्षेत्र में इतिहास से सम्बन्धित जानकारी आने वाली पीढ़ी को दिए जाने की भरपूर सामग्री का जिक्र होना चाहिए। छत्तीसगढ़ का इतिहास भौगोलिक स्थिति तथा परम्परागत त्यौहारों की जानकारी बाबत् पढ़ाया जा सके। प्रदेश के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के त्याग, बलिदान एवं उपलब्धियों का समावेश पाठ्यक्रम की पुस्तकों में होना चाहिए ताकि उनकी यादों, कृत्यों एवं सेवाओं को जिंदा रखा जा सके। छत्तीसगढ़ी बोली का विषय आगामी सत्र से पाठ्यक्रम में अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए औ इसके लिए नारा दिया जाए कि छत्तीसगढ़ में रहना है तो सभी को छत्तीसगढ़ी में बातचीत करना होगा। इस विषय के जानकारों को शासकीय नियुक्तियों में बोनस अंक दिए जाने का प्रावधान आवश्यक किया जाए।

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