डेडीकेटेड कोविड-19 हेल्थकेयर सेंटर लालपुर से अब तक 258 मरीज हुए डिस्चार्ज


  1. रायपुर, 2 सितंबर 2020। राजधानी के लालपुर स्थित केंद्रीय कुष्ठ अस्पताल में कोरोना मरीजों के इलाज के लिए डेडिकेटेड कोविड केयर सेंटर बनाया गया है। हेल्थ केयर सेंटर में 100 बेड, 10 आक्सीजन सिलेंडर, 3 वार्ड समेत अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध है। डॉक्टरों व स्वास्थ्य कर्मियों की रोस्टर वाइज ड्यूटी तीन पालियों में लगायी जा रही है। डेडीकेटेड कोविड-19 हेल्थकेयर सेंटर लालपुर में मई से लेकर अगस्त तक विगत 4 महीने से आयुष चिकित्सक भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
    केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर नियुक्त लालपुर कोविड सेंटर प्रभारी डॉ. प्रशांत साहू ने बताया कोविड केयर अस्पताल में कुल 309 कोरोना पॉजिटिव मरीजों को भर्ती किया गया हैथा । इनमें से अब तक 258 मरीज पूर्णतः स्वस्थ्य होकर डिस्चार्ज होकर अपने घर चले गए जा चुके हैं। जबकि 51 कोरोना पॉजिटिव मरीजों को इलाज अभी अस्पताल में जारी है।
    डेडीकेटेड कोविड-19 सेंटर में ऐसे मरीजों को भर्ती किया जाता हैं जिनमें कोरोना के लक्षण नहीं हो और संक्रमण से सर्दी, खांसी व बुखार के लक्षण पाए जाते हैं। ऐसे गंभीर मरीज जिन्हें आईसीयू में इलाज की जरुरत हो उनको एम्स व डॉ. अंबेडकर अस्पताल में रेफर किया जाता है। लालपुर अस्पताल में एक भी मरीज की मौत अब तक नहीं हुई है। जबकि 7 मरीजों की हालत गंभीर होने पर एम्स के आईशोलेशन वार्ड में भर्ती के लिए रेफर किया गया था।
    कोविड-19 के संक्रमण के प्रसार को रोकने तथा मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए स्वास्थ्य विभाग के आयुष विभाग के चिकित्सक भी कंधे से कंधा मिलकार दिन रात सेवा कर रहे हैं। डॉ. साहू ने बताया, लालपुर अस्पताल में आयुष चिकित्सक निःस्वार्थ भाव से अपने घर परिवार एवं आयुर्वेद औषधालय छोड़कर कोरोना महामारी में सेवाएं दे रहें हैं। आयुष चिकित्सकों के द्वारा गाइडलाइन्स में दी जाने वाली उपचार के साथ-साथ आयुर्वेदिक काढ़ा भी दिया जाता है। प्रतिदिन शाम को कोविड मरीजों को आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. संगीता धीरहे व डॉ ओमकेश्वरी द्वारा योग अभ्यास भी कराया जाता है।
    अस्पताल में तीन वार्ड बनाए गए हैं जिसमें एक महिला और दो पुरुष वार्ड हैं। लगभग 8 से 10 बेड को प्राइवेट वार्ड के रुप में आरक्षित भी रखा गया है। कोविड-19 के बेहतर चिकित्सकीय प्रबंधन से मरीज पूरी तरह स्वस्थ होकर अपने घर जा रहे हैं। यहाँ पर तीन शिफ्टों में डॉ. संगीता धीरहे, डॉ. ओमकेश्वरी, डॉ प्रशांत रावत, डॉ. भूपेंद्र जांगड़े, डॉ. शशिभूषण तिवारी, डॉ. शीतला चौहान, डॉ. गीता राजपूत, नर्सिंग स्टाफ सरिता, सुनैना, इंदु, दीपक चंद्रशेखर, वार्ड बॉय भुनेश्वर मोनिका एवं अन्य स्टॉफ सहित 24 डॉक्टरों की टीम की कार्य रही है।
    डॉ. प्रशांत साहू ने बताया, कोरोना वायरस का सामना करने के लिए विभाग की ओर से पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध हैं किन्तु फिर भी लोगों को कोविड अनुरूप व्यवहारों का पालन कर कोरोना संक्रमण की रोकथाम करनी चाहिए :
    कोविड अनुरूप व्यवहार
    सतर्कता कोरोना से बचाव का बेहतर उपाय है। इसके लिए विशेष सावधानी एवं सतर्कता जरुरी है जैसे- मास्क लगाने व 2 गज की शारीरिक दूरी बनाए रखें, सार्वजनिक स्थल हो, किसी ऑफिस के कमरे में अन्य व्यक्तियों के साथ हों या फिर सर्दी, जुकाम हो तो बाहर निकलने से पहले मास्क जरूर लगाएं, छींकते या खांसने समय रूमाल या टिश्यू पेपर का इस्तेमाल करें, बहुत अधिक इस्तेमाल होने वाली सतहों दरवाजे के हैंडल, या ऐसी जगहों का नियमित सफाई जरूरी है, सार्वजनिक या खुले स्थानों पर नहीं थूकें, ऐसा करना दंडनीय अपराध है, बहुत जरूरी हो तभी यात्रा करें, कोवि़ड- 19 संक्रमित या उसके परिवार वालों से भेदभाव नहीं करें सहानुभूति से पेश आएं, अपने स्वास्थ्य की मॉनिटरिंग करने के लिए आरोग्य सेतु ऐप का इस्तेमाल करें, कोविड-19 को लेकर होने वाली चिंताएं या मानसिक दबाव के लिए 08046110007 फ्री हेल्पलाइन नंबर पर बात कर मनोचिकित्सक से आवश्यक सलाह लें।

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