तखतपुर की घटना से चेती सरकार,कृषि उत्पादन आयुक्त डाॅ. एम गीता ने किया  गोठानों का निरीक्षण महिला समूहों और गौठान समिति के काम-काज की सराहना


महासमुंद 28 जुलाई 2020/ कृषि उत्पादन आयुक्त एवं एसीपी डाॅ. एम गीता ने आज जिले के महासमुंद विकासखण्ड स्थित ग्राम कोना एवं बागबाहरा विकासखण्ड के ग्राम तिलईदादर में स्थित गोठानों का निरीक्षण कर उनकी गतिविधियों की सराहना की। उन्होंने गोठान में गोधन न्याय योजना की गौपालकांे को होने वाली भुगतान सम्बंधित तैयारियों का जायजा लिया। साथ ही गोठान में होने वाली विभिन्न अन्य गतिविधियां, महिला स्व-सहायता समूहों के सदस्यों, ग्राम गोठान प्रबंधन समिति के सदस्यों से बातचीत उनके कार्यों के बारे में जानकारी एवं कार्यों को देखकर प्रसन्नता जाहिर किया। राज्य शासन द्वारा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए गोधन न्याय योजना की शुरूआत की गई है। इस योजना के तहत गोठानों में 02 रूपए प्रति किलो की दर गोबर की खरीदी की जा रही हैं।
कृषि उत्पादन आयुक्त डाॅ. गीता ने महासमुुंद विकासखण्ड के ग्राम कोना के गोठान पहुॅचकर वहां संचालित गतिविधियों की जानकारी ली और गौठान समिति के सदस्यों से गोबर खरीदी के संबंध में चर्चा की। इस दौरान गौठान समिति के सदस्यों ने बताया कि कोना में 65 पशुपालक और 312 मवेशियां हैं। 8 से 10 पशुपालकों द्वारा प्रतिदिन यहां गोबर विक्रय किया जाता है तथा गोठान समिति के सभी सदस्यों को सभी विभागीय अधिकारियों द्वारा प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया गया हैं। इसी प्रकार महिला स्व-सहायता समूह के सदस्यों ने बताया कि उनके द्वारा विभिन्न प्रकार के सामग्रियों का निर्माण किया जाता हैं, इनमें फिनाॅयल, कीटनाशक दवाईयाॅ, वर्मी कम्पोस्ट खाद, अगरबत्ती, काढ़ा, सेनेटाईजर, चूड़ियाॅ एवं राखियाॅ सहित अन्य सामग्रियाॅ शामिल हैं। इसी प्रकार गोठान समिति के सदस्यों ने बताया कि गोठान से बनाए गए खाद को गाॅव के किसानों के द्वारा काफी मात्रा में क्रय कर रहें हैं। उन्होंने गोठान समिति के सदस्यों के खाता जिला सहकारी बैंक में खोले जा रहे हैं। इस दौरान अधिकारियों ने बताया कि सभी गोठान समिति के बैंक खाते सहकारी बैंकों के माध्यम से खोले गए हैं। कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिले के किसान जैविक चावल (आॅर्गेनिक राईस) किस्म ब्लैक राईस का उत्पादन कर रहे हैं, जो शुगर, ब्लड प्रेशर सहित अन्य बीमारियों के लिए काफी लाभदायक हैं, जिसका जैविक प्रमाणीकरण किया जा चुका हैं। डाॅ. गीता ने गोठान में चारा लगाने तथा स्व-सहायता समूह की महिलाओं को आजीविका से जोड़ने के लिए सब्जी-भाजी की खेती करने पर जोर दिया।
इसी प्रकार डाॅ. एम गीता ने बागबाहरा विकासखण्ड के ग्राम तिलईदादर के गोठान का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वहां बनाएं गए घुरवा और वर्मी बेड तथा महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा उत्पादित सामग्रियों का भी अवलोकन किया। इस दौरान गोठान समिति के सदस्यों ने बताया कि ग्राम में 75 पशुपालक तथा 278 मवेशियां हैं। गोठान में 16 पशुपालकों द्वारा गोबर विक्रय किया जाता हैं। इस दौरान डाॅ. गीता ने स्व-सहायता समूहों के सदस्यों के उत्पाद को देखकर प्रोत्साहित किया। उन्होंने गोठान स्थित वर्मी बेड का भी अवलोकन किया इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को पक्की वर्मी बेड का निर्माण करने के निर्देश दिए। साथ ही गोठान में क्रय किए जा रहे हैं गोबर का हिसाब-किताब रखने के लिए क्रय पत्रक और गोठान में रखें रजिस्टर में मात्रा और अंकित राशि का अवलोकन किया। इस अवसर पर संचालक कृषि श्री नीलेश महादेव क्षीरसागर, कलेक्टर श्री कार्तिकेया गोयल, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डाॅ. रवि मित्तल, कृषि विभाग के संयुक्त संचालक श्री गयाराम सहित जिले के संबंधित विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

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