Tuesday, September 22

दिल्ली चुनाव में हार के बाद बोले मनोज तिवारी, मुख्यमंत्री का चेहरा नहीं होना हमें भारी पड़ा

नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी ने सासंद प्रवेश वर्मा के बयान पर बड़ी टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि प्रवेश वर्मा का बयान उनका निजी बयान है, यह पार्टी का बयान नहीं है। मनोज तिवारी ने एक चैनल से की गई बातचीत पर यह बयान दिया। इसी के साथ उन्होंने एक बार फिर से अरविंद केजरीवाल को जीत की बधाई दी।
मुख्यमंत्री पद का नहीं होना भारी पड़ा
प्रदेश अध्यक्ष तिवारी ने कहा कि अगर हम मुख्यमंत्री के चेहरे के साथ उतरते तो नतीजे जरूर कुछ और ही होते। मुख्यमंत्री का चेहरा न होना हमें भारी पड़ा है। आपको बता दें कि भारतीय जनता पार्टी ने पहली बार दिल्ली का चुनाव बिना मुख्यमंत्री उम्मीदवार के लड़ते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर लड़ा।
ट्वीट नहीं किया डिलीट
जीत का दावा करने वाले ट्वीट पर मनोज तिवारी ने कहा कि मुझको विश्वास था कि हम 48 सीटों पर जीत दर्ज करेंगे लेकिन नहीं जीत पाए। इसके बावजूद मैंने अपना ट्वीट डिलीट नहीं किया है। उन्होंने कहा कि करीब 10 सीटों पर हम कम अंतर से हारे हैं। यहां तक की पटपटगंज सीट से मनीष सिसोदिया को हमारा एक आम कार्यकर्ता टक्कर दे रहा था और हमने जीत का अनुमान लगाया था। वह तो गलत नहीं था।
8 फरवरी को मतदान के बाद तमाम समाचार चैनलों ने अपना-अपना एग्जिट पोल जारी किया था, जिसमें उन्होंने आम आदमी पार्टी को बहुमत दी थी, जबकि भाजपा की स्थिति उसमें कुछ खास नहीं थी। जिसके बाद मनोज तिवारी ने एग्जिट पोल को नकारते हुए जीत के दावे किए थे।
उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा था कि ये सभी एग्ज़िट पोल फेल होंगे, मेरा ये ट्वीट सम्भाल के रखियेगा, भाजपा दिल्ली में 48 सीट लेकर सरकार बनाएगी… कृपया ईवीएम को दोष देने का अभी से बहाना ना ढूँढे।
संकल्पपत्र लाने में हुई देरी
हार के कारणों को गिनाते हुए मनोज तिवारी ने कहा कि अगर हम संकल्पपत्र थोड़े समय पहले लेकर आते तो उसका हमको फायदा मिलता। हमनें संकल्पपत्र जारी करने में थोड़ी देरी कर दी थी। इसी के साथ उन्होंने कहा कि जनता तक हम अपनी बात नहीं पहुंचा पाए।

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