पूर्व विधायक देवजी पटेल बताएं सीएम फैलोशिप पाने वालो का किस रोजगार कार्यलय में पंजीयन था, तब भाजपा को स्थानीय बेरोजगारों की याद क्यो नहीं आयी – कांग्रेस

 

पूर्व विधायक देवजी पटेल बताएं सीएम फैलोशिप पाने वालो का किस रोजगार कार्यलय में पंजीयन था, तब भाजपा को स्थानीय बेरोजगारों की याद क्यो नहीं आयी – कांग्रेस

पूर्ववर्ती रमन सरकार में सीएम फैलोशिप के नाम पर करोड़ों रुपये फुके गये – कांग्रेस

रायपुर/29 जुलाई 2020। सत्ताधारी राजनीतिक दल की प्राथमिकता स्वास्थ्य शिक्षा की जिम्मेदारी प्रथम दृष्टया होती है, जिसका निर्वहन पूर्वर्ती 15 वर्षों की रमन सरकार ने नहीं किया, जिसका दुष्परिणाम राज्य की जनता भोग रही है।

पूर्व विधायक देवजी पटेल के बेरोजगारों की चिंता पर उठाए गए सवालों का तीखा पलटवार करते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता घनश्याम राजू तिवारी ने कहा कि 15 वर्षो के बेरोजगारी आंकड़े बताते हैं कि रमन सरकार ने प्रदेश के शिक्षित युवा बेरोजगारों को सिर्फ और सिर्फ झूठे प्रलोभन और आश्वासन के अलावा कुछ भी नहीं दिया वही दूसरी ओर रमन सरकार में किसी रोजगार कार्यालय में पंजीकृत नही रहे लोगो की मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना के तहत बेफिजूल नियुक्तियां की गई थी। संघी मानसिकता और भाजपा से जुड़े लोगों को सीएम फैलोशिप योजना के नाम पर 1 लाख रुपए की पारिश्रमिक राशि देकर उपकृत किया जाता रहा, जिससे करोड़ों रुपये भुगतान कर राजकीय राजस्व को निजी लाभ के लिए नुकसान पहुचाया जाता रहा और जनता की गाढ़ी कमाई को सत्ता का दुरुपयोग कर बेफिजूल बर्बाद किया गया।

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता घनश्याम राजू तिवारी ने कहां की 18 माह की कांग्रेस भूपेश सरकार ने बेरोजगारों की चिंता करते हुए स्कूल शिक्षा विभाग में 15 हज़ार से अधिक तथा वैश्विक महामारी कोरोना से उपजे हालातो में स्वास्थ्य विभाग में चिकित्सको की आवश्यकता को देखते हुए 5 हजार से अधिक की संख्या में भर्तियों की घोषणा की है।

श्रीमती कुजुर के नियमितीकरण पर भाजपा पूर्व विधायक देवजी पटेल के आरोपों पर प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता घनश्याम राजू तिवारी ने कहा कि श्रीमती कुजुर चिकित्सा स्वास्थ्य को लेकर दुरुस्त अंचलों में लंबे समय से कार्यरत रही हैं वर्तमान हालातों में कार्य की उपयोगिता को देखते हुए नियमों एवं प्रावधान के अंतर्गत उनकी नियुक्ति की गई है, तात्कालिक परिस्थितियों में राज्य के स्वास्थ्य विभागों में चिकित्सा से जुड़े लोगों की नितांत आवश्यकता है जिसके मद्देनजर यह फैसले लिए गये

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