Wednesday, September 23

प्रदेश में पहली बार चर्चों में नहीं होंगी आराधनाए

प्रदेश में पहली बार चर्चों में नहीं होंगी आराधनाए
रायपुर। प्रदेश में पहली बार गिरजाघरों में रविवारीय आराधनाएं नहीं होंगी। 31 मार्च तक 40 दिनी उपवासकालीन घरेलू प्रार्थनाएं, विवाह समारोह और सभी तरह के धार्मिक आयोजन स्थगित कर दिए गए हैं। कोरोना वायरस के प्रभाव के चलते ऐसा किया जा रहा है। 22 व 29 मार्च को इतिहास में पहली बार चर्चों के पट नहीं खुलेंगे।
छत्तीसगढ़ के आर्च बिशप विक्टर हैनरी ठाकुर और छत्तीसगढ़ डायसिस (सीएनआई) के बिशप रॉबर्ट अली ने इसके आदेश जारी कर दिए हैं। कैथोलिक और सीएनआई के राज्य के शहरी व ग्रामीण इलाकों के सभी चर्चों में इन आदेशो ं का पालन करने फादर और पादरियों से कहा गया है। आर्च बिशप ठाकुर व बिशप राबर्ट अली ने कहा है कि 31 मार्च के बाद भविष्य के हालातों को देखते हुए फैसला लिया जाएगा। कोरोना से निपटने के लिए शासन के हर निर्देश पालन कर उन्हें सहयोग प्रदान किया जाएगा। उन्होंने कोरोना से बचाव के लिए मसीहीजनों को जागरूक रहने व सतर्कता बरतने तथा शहवासियों का सहयोग करने कहा है। सेंट पॉल्स कैथेड्रल कोर्ट के चेयरमेन जॉन राजेश पॉल ने भी कोरोना को लेकर अफवाहों से सावधान रहने तथा सरकार को हर स्तर पर सहयोग करने का आग्रह किया है। सीएनआई के चर्चों में सचिव पादरी अतुल आर्थर ने पादरियों से से आग्रह किया गया है कि आराधना के के लिए तय समय पर फेस बुक लाइव करके प्रवचन दे सकते हैं। माना जा रहा है कि छत्तीसगढ़ में दौ सौ साल के चर्चों के इतिहास में पहली दफे आराधनाएं स्थगित की गई हैं। कोरोना को लेकर गुरुवार को पुलिस कंट्रोल रूम में पादरियों व मौलवियों और धार्मिक नेताओं की प्रशासन ने बैठक ली थी।

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