बड़ी खबर, भूख से मर गये 7 मवेशी, गोवंश के सरंक्षण और संवर्धन के लिए संचालित गोठान योजना पर सवाल

किशोर कर ब्यूरोचीफ महासमुद

महासमुन्द। महासमुंद शहर से तीन किलोमीटर की दूरी पर स्थित ग्राम लभराखुर्द में 7 मवेशियों की भूख से मौत हो गई है, वहीं कुछ मवेशी मौत के कगार पर पंहुच गए हैं. कुछ संगठनों को इस बात की खबर मिली और वह जब गांव पहुंचे तो आनन-फानन में मवेशियों को उक्त स्थान से छोड़ा गया है। गौवंश की सुरक्षा के लिए गोठान नाम पर करोड़ों फूंका जा रहा है और महासमुन्द शहर से 3 किलोमीटर के ग्राम लभरा खुर्द में उसी गौवंश की ऐसी दुर्गति शासन प्रशासन की पोल खोल रही है। गोवंश की भूख से हुई मौत के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं। पशुचिकित्सक सीएस चन्द्राकर ने इस बात की पुष्टि करते हुए जानकारी दी है कि मवेशियों की मौत भूख से हो गई है।
छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार का नारा नरवा, गरवा, घुरूवा अउ बारी है छत्तीसगढ़ के चार चिन्हारी। सरकार इन मवेशियों की जान बचाने के लिए तरह तरह के योजनाएं बना रही है और इन योजनाओं पर करोड़ों रुपए अब तक फूंक दिया गया है, बावजूद इसके हालात में सुधार नहीं हो रहा है। कौन है इसके लिए जिम्मेदार ? आज लभराखुर्द में जिन 7 मवेशियों की मौत हो गई है इसकी जिम्मेदारी किसकी है, जनता जानना चाहती है कि इस लापरवाही के लिए कौन जिम्मेवार है। आज इन मवेशियों के मौत के लिए शासन प्रशासन किसे जिम्मेदार मानती है। जिला कार्यालय से लगे ग्राम में इस तरह की घटनाएं घटित हो रही है तो सुदुवर्ती गांव में क्या हो रहा होगा, इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है।
मामले को लेकर महासमुंद कलेक्टर कार्तिकेय गोयल ने कहा है कि मामले में तत्काल जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाही कर पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई जाऐगी।

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