Sunday, September 27

महंत नृत्य गोपाल दास होंगे राम मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष, नृपेंद्र मिश्रा को निर्माण समिति की जिम्मेदारी

नई दिल्ली। राम मंदिर निर्माण को लेकर ट्रस्ट की आज बड़ी बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में सर्वसम्मति से महंत नृत्य गोपाल दास को ट्रस्ट का अध्यक्ष बनाया गया है जबकि प्रधानमंत्री मोदी के पूर्व प्रधान सचिव नृपेंद्र मिश्र को निर्माण समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। चंपत राय को श्री राम जन्म भूमि ट्रस्ट का महामंत्री बनाया गया है जबकि गोविंद गिरी जी राम मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष होंगे।
आज राम मंदिर ट्रस्ट की यह पहली बैठक थी। इस बैठक में कई निर्णय लिए जाने थे लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही था कि इससे ट्रस्ट का अध्यक्ष कौन होगा। राम मंदिर का निर्माण कब से शुरू होगा इस सवाल के जवाब में कहा गया कि निर्माण समिति एक रिपोर्ट बनाएगी जिसके बाद हम सब मिलकर चर्चा करेंगे और मंदिर निर्माण की तिथि की घोषणा की जाएगी।
महंत नृत्य गोपालदास बने रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के अध्यक्ष
महंत नृत्य गोपालदास को राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास का अध्यक्ष बनाया गया है। न्यास की दिल्ली में बुधवार को हुई बैठक में यह फैसला किया गया। बैठक में विश्व हिंदू परिषद् के नेता चंपत राय को न्यास के महासचिव का दायित्व सौंपा गया है जबकि स्वामी गोविंद देव गिरि जी को कोषाध्यक्ष बनाया गया है। वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी रहे नृपेन्द्र मिश्रा को भवन निर्माण समिति का चेयरमैन नियुक्त किया गया है। बैठक के बाद चंपत राय ने बताया कि अयोध्या में भारतीय स्टेट बैंक की शाखा में ट्रस्ट का बैंक खाता खोलने का निर्णय किया गया है। इससे पहले खबरों में बताया गया था कि न्यास की पहली बैठक दिल्ली में होगी जिसमें मंदिर निर्माण के मुहूर्त सहित कई विषयों पर विचार किया जा सकता है। इस न्यास का गठन केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार ने किया है। गौरतलब है कि शीर्ष अदालत द्वारा राम मंदिर के पक्ष में फैसला देने व मंदिर निर्माण के लिए न्यास के गठन के आदेश पर पांच फरवरी को केंद्र सरकार ने ट्रस्ट का ऐलान किया था। न्याय का प्रमुख वरिष्ठ अधिवक्ता के. परासरण को बनाया गया था। इसके अन्य सदस्य हैं जगदगुरु शंकराचार्य, ज्योतिषपीठाधीश्वर स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती जी महाराज (इलाहाबाद), जगदगुरु माधवाचार्य स्वामी विश्व प्रसन्नतीर्थ जी महाराज (उडुपी के पेजावर मठ से), युगपुरुष परमानंद जी महाराज (हरिद्वार), स्वामी गोविंददेव गिरि जी महाराज (पुणे) और विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र (अयोध्या) शामिल हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *