यमुना नदी का जल स्तर खतरे के निशान से 3 मी.नीचे ,चम्बल नदी से छोडे गये पानी से यमुना नदी मे आयी बाढ से महेवा व्लाक की नून नदी व जोधर रपटे मे बढा पानी

 

महेवा व्लाक के अनेक गांवो का कालपी से टूटा सम्पर्क*

*कालपी (जालौन) आज प्राप्त जानकारी के अनुसार मध्य प्रदेश की चम्बल नदी से छोडे गये पानी से यमुना नदी का जल स्तर तेजी के साथ वढता हुआ 105 मी पर पंहुच गया है ! जो खतरे के निशान 3 तीन मीटर कम है ! वही यमुना का जल स्तर वढने से क्षेत्र के अनेक गांवो का सम्पर्क कालपी से टूट गया है !*
*कालपी तहसील के महेवा ब्लॉक क्षेत्र में बुधवार को यमुना का जल स्तर बढ़ने के कारण नून नदी तथा जोधर नाले उफनाने से क्षेत्र के अनेक गांवों का कालपी से सम्पर्क टूटा गया है ! वही कालपी के आस,बोई गयी सब्जियों की फसल नष्ट हो गयी है ! गत वर्ष यमुना नदी में आई भीषण बाढ़ से क्षेत्र के दर्जनों गांव इसकी चपेट में आ गये थे जहाँ किसानों की सैकड़ों एकड़ फसल जल मग्न हो गई थी। जिससे किसानों को भारी क्षति हुई है क्योंकि इस वार पिछले साल जैसी ही फसल है क्योंकि अच्छी बारिश होने के कारण समय से बुबाई हो गई थी औऱ किसानों के खेतों में अच्छी फसल लहलहा रही थी जिससे किसान काफी खुश था लेकिन उनकी खुशी ज्यादा दिनों तक नहीं रह सकी 2 अगस्त को यमुना नदी में आई भीषण बाढ़ के कारण नदी और नालो में बाढ़ आ गई थी इसके बाद 25 अगस्त को भी यमुना के जल स्तर में बढ़ोतरी हुई थी वही किसानों की काफी फसल पानी मे डूब गई थी ! जिधर भी नजर डालो उधर पानी ही पानी नजर आ रहा था। जोधर नाले औऱ नून नदी में बाढ़ आने से दर्जनों गांवों का कालपी से सम्पर्क टूट गया है लोग घुटनों के बराबर पानी मे घुस कर निकल रहे है।वही क्षेत्रीय किसानो का कहना है कि हम लोगों की किस्मत ही खराब है कभी कम बर्षा होने से या अधिक बर्षा या फिर बाढ़ से किसानों की फसल बराबर नष्ट हो जाती हैं जिससे किसान सर से लेकर पैर तक कर्ज से जकड़ा हुआ है।उनको सरकार से कोई सहायता भी नही मिलती है ! जोधर नाले के रपटे का निर्माण शुरू हो गया है और कोठियो बन चुकी है उनके ऊपर लेंटर डलना बाकी है जो अगले बर्ष तक कम्प्लीट होने के आसार नजर आ रहे है। क्योंकि क्षेत्र के दर्जनों गांवों के लोग हल्की बर्षा होने से ही रास्ता जाम हो जाता हैं जिससे दर्जनों गांवों का कालपी से सम्पर्क टूट जाता है। वही जल आयोग के अनुसार यमुना नदी का जल स्तर बुधवार शाम तक 105 मी पर पंहुच कर जल स्तर स्थिर होने की सम्भावना जतायी वही उपजिलाधिकारी जयेन्द्र कुमार ने बाढ क्षेत्र का दौडा किया !

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