रायपुर लोकसभा के भाजपा सांसद सुनील सोनी के बयान केंद्र से मिले 248 वेंटिलेटर में सिर्फ 18 वेंटिलेटर का उपयोग हुआ है का कांग्रेस ने निंदा किया

  • रायपुर/01 सितम्बर 2020। भाजपा सांसद सुनील सोनी द्वारा दिये गए बयान केंद्र से मिले 248 वेंटिलेटर में सिर्फ 18 वेंटिलेटर का उपयोग हुआ है का कांग्रेस ने आपत्ति व्यक्त किया है। प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि सोनी गलत बयानी कर रहे केंद्र ने इतने वेंटिलेटर राज्य को दिए ही नही वे काल्पनिक और झूठे आंकड़े प्रस्तुत कर रहे ।भाजपा सांसद ने बहुत ही आपत्तिजनक और गैर जिम्मेदाराना बयान दिया है। उनकी क्या इच्छा है प्रदेश के लोग वेंटिलेटर में चले जाये ताकि केंद्र द्वारा दिये गए वेन्टीलेटरो का उपयोग हो सके। भगवान न करे कि राज्य में इनके दिए एक भी वेंटिलेटर के उपयोग की नौबत आये। सुनील सोनी पद के अहंकार में संवेदनशीलता और भाषायी मर्यादा भूल गए है। उल जुलूल बयान देकर वे सक्रिय सांसद नही बन जायेंगे। रायपुर की जनता महसूस कर रही है उसने कितने निष्क्रिय सांसद को चुन कर दिल्ली भेजा है जिसकी आवाज अपने क्षेत्र और प्रदेश की जनता के भले के लिए कभी नही उठती, पार्टी आलाकमान के गलतियों पर पर्दा डालना भाजपा के सांसद अपना सबसे बड़ा कर्तव्य समझते हैं।
    कांग्रेस प्रवक्ता ने पूछा कि केंद्र से मिले एक -एक टेबलेट और मास्क का लेखा जोखा प्रस्तुत करने वाले भाजपा सांसद बताये कि उन्होंने कोरोना के समय रायपुर और छत्तीसगढ़ की जनता के लिए क्या किया ? जो उनकी सांसद निधि थी जिस पर प्रदेश की जनता का हक था उसे तो रायपुर की जनता से बिना पूछे पीएम केयर में दान कर दिया। जब मोदी सरकार ने शेष वर्षो के लिए सांसद निधि को स्थगित किया तब भी भाजपा के सांसदों की बोलती बंद हो गयी थी तब क्यो विरोध नही किया कि इस सांसद निधी को वे अपने राज्य के कोविड प्रभावितों के लिए खर्च करेंगे।
    कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि राज्य के उद्योगों और सार्वजनिक क्षेत्र की कम्पनियों से पीएम केयर में 300 करोड़ से अधिक राशि वसूली गयी राज्य को पीएम केयर से मात्र 13 करोड़ की मदद मिली है। राज्य के उद्योगों का यह सीएस आर फंड का पैसा यदि प्रदेश को मिलता तो इन 300 करोड़ रुपयों का खर्च राज्य में होता। इस राशि से यहाँ अस्पताल बनते और चिकित्सा सुविधाएं जुटाई जाती।
    सुनील सोनी केंद्रीय सहायता पर अहसान जताने की बजाय बताये कि एक सांसद के रुप में उन्होंने राज्य को क्या मदद दिलवाई? राज्य सरकार ने कोरोना से लड़ने के लिए जब विशेष पैकेज मांगा तब सोनी और उनके दल के नेताओ ने उसका विरोध किया। राज्य के हक का अपना जीएसटी क्षतिपूर्ति की 2800 करोड़ से अधिक की राशि केंद्र नही दे रहा इसमे भाजपा के नेता और सांसद क्यो मौन है ? भाजपा के नेता राज्य की कांग्रेस सरकार का विरोध करते करते प्रदेश की जनता का विरोध करने लग गए है। जब राज्य सरकार ने 2500 में धान खरीदी के लिए केंद्र से आग्रह किया था तब भी भाजपा सांसद किसानों का पक्ष लेने के बजाय इसके विरोध में खड़े हो गए थे। प्रवासी मजदूरों के लिये केंद्र द्वारा चलाये जा रहे गरीब कल्याण अभियान से छत्तीसगढ़ को अलग रखा तब भी सुनील सोनी सहित भाजपा सांसदों की बोलती बंद थी। जनता केंद्र में सांसद चुन कर इसलिये भेजती है ताकि वह केंद्र सरकार और संसद में उनकी आवाज उठाये भाजपा सांसद अपने दायित्व के निर्वहन में असफल साबित हुए है

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