Friday, September 25

राष्ट्रीय सिंधी समाज ने वेबीनार सम्मेलन के माध्यम से गायक कैलाश खैर की राष्ट्रगान से सिन्धु शब्द हटाने की मांग पर जताया रोष

**देवास सिन्धी समाज की बेटी रिंकी के हत्यारे आरोपी को जल्द से जल्द सख्त सजा दिये जाने की रखी मांग।

***6 सितम्बर को संस्था के द्वारा होगा आनलाईन सिंधी कवित्री सम्मेलन।

रायपुर / गायक कैलाश खैर व्दारा राष्ट्रगान से सिन्धु शब्द हटाने की मांग पर राष्ट्रीय सिंधी समाज द्वारा शनिवार को वेबिनार सम्मेलन आयोजित कर रोष जताया गया। वही देवास सिन्धी समाज की बेटी रिंकी के हत्यारे आरोपी को जल्द से जल्द सख्त सजा दिये जाने की मांग रखी। यह जानकारी देते हुए राष्ट्रीय प्रचारक ललित अगनानी व प्रभारी राधा राजपाल ने बताया कि सम्मेलन की अध्यक्षता राष्ट्रीय अध्यक्ष कमल वरधानी ने की। वेबिनार में जुडे विभिन्न प्रदेशों के प्रतिनिधियों से श्री वरधानी ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में आह्वान करते हुए कहा कि हमें अपने प्रदेश में सिंधी भाषा, संस्कृति के विकास के लिए एकजुट होकर कार्य करना होगा। देवास सिन्धी समाज की बेटी रिंकी के हत्यारे आरोपी को मप्र प्रशासन व्दारा जल्द से जल्द सख्त सजा मिलनी चाहियें। वेबिनार में समाजजनों ने गायक कैलाश खैर द्वारा राष्ट्रगान से सिन्धु शब्द हटाने की मांग पर रोष जताया। राष्ट्रीय महासचिव मुकेश सचदेव ने कहा कि शीघ्र ही समाज के एक मात्र सांसद श्री शंकरलाल लालवानी के हाथों कोरोना वारिसर्स को सम्मान पत्र दिये जाऐंगे। साहित्यकार एव कलाकार मीना शहदादपुरी व जगदीश शहदादपुरी ने सिन्धी घरों में मातृ भाषा के घटते हुऐ चलन पर चिन्ता जताते हुये अपनें विचार रखे। वही आयोजन के दौरान राष्ट्रीय महासचिव डाॅ लाल थदानी ने फिल्म इंडस्ट्री में समाज के डायरेक्टर प्रोड्यूसर एवं कलाकारों से आव्हान करते हुये कहा कि अखंड भारत के प्रथम सिंधी शासक राजा दाहरसेन एवं अमर शहीद हेमू कालानी पर भी फिल्मांकन किया जाकर देश की जनता को सिंधी समाज के आजादी में दिए गए अमूल्य योगदान को प्रदर्शित करना चाहिए। समाजसेवी अमूल आहुजा व निर्मल मंगवानी ने कहा कि आकाशवाणी से पूर्व में चल रहे सिन्धी कार्यक्रम जिनकों बन्द किया गया है उसें पुनः शुरू करने की सरकार से मांग की जायें। कवित्री इन्दिरा पूनावाला ने बताया कि 6 सितम्बर को संस्था के द्वारा आनलाईन सिंधी कवित्री सम्मेलन होगा। वेबिनार में युवा संरक्षक हेमन्त भागवानी, राष्ट्रीय युवा अध्यक्ष राजकुमार दरियानी,
डाॅ दिक्षीता अंबवानी, राधा राजपाल, अनिता शिवनाणी, नीरज जगवानी, गुल माखीजानी, निर्मल मंगवानी,हरिश लखानी, रतन बासाणी, शंकर दानवानी, अनिल मेठानी, मनोज कोटवानी, सुरेश चावला, शंकर मोटवानी,जितेन्द्र बबलानी, जया वाधवानी इत्यादि ने भी सुझाव दिये। कार्यक्रम समन्वयक हरीश लालवानी थें।

 

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