Sunday, September 27

शासकीय दूधाधारी बजरंग महिला महाविद्यालय में हेल्थ एंड वैलनेस स्ट्रैटेजिस ड्यूरिंग कोविड-19 एंड बियोंड विषय पर अंतर्राष्ट्रीय वेबीनार

शासकीय दूधाधारी बजरंग महिला महाविद्यालय में 1 अगस्त को हेल्थ एंड वैलनेस स्ट्रैटेजिस ड्यूरिंग कोविड-19 एंड बियोंड विषय पर अंतर्राष्ट्रीय वेबीनार का आयोजन महाविद्यालय के महिला अध्ययन केंद्र द्वारा किया गया ।
महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ श्रद्धा गिरोलकर ने अपने उद्बोधन में कोविड-19 महामारी के इस दौर में होने वाली तकलीफ और सावधानियों को बताते हुए घरेलू उपचार के माध्यम से कैसे हम अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ा सकते हैं इस पर अपने विचार रखें।
महिला अध्ययन केंद्र की संयोजिका डॉ रश्मि मिंज ने इस वेबीनार के आयोजन के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इस महामारी के प्रकोप को देखते हुए स्वास्थ्य और सुरक्षा के सभी आयामों पर चर्चा कर उसका लाभ उठाना है ही इस का प्रमुख उद्देश्य है।
इसमें नॉर्वे , जर्मनी,मैनचेस्टर यूके ,के प्रबुद्ध विद्वान वक्ताओं द्वारा वक्तव्य दिया गया ।हेल्थ एंड वैलनेस पर आधारित इस वेबीनार का बीज वक्तव्य डॉ एके दत्तारॉय ने भोजन के महत्व तथा मनोविज्ञान पर दिया ।उन्होंने गट माइक्रोब्स की भूमिका पर विस्तार पूर्वक व्याख्यान दिया। मैनचेस्टर यूके से डॉक्टर संगीता वर्मा जो कि हिस्टोपैथोलॉजी में एमडी है,,उन्होंने कोविड-19 तथा उसके होने वाले लक्षणों को विस्तारपूर्वक समझाया ।इस महामारी से बच्चों और बुजुर्गों को किस प्रकार सुरक्षित और स्वस्थ रखा जाए इस बात पर उन्होंने प्रकाश डाला ।उन्होंने बताया कि 40% महिलाएं और 60% पुरुष इससे प्रभावित है ।जर्मनी की डॉक्टर आकांक्षा भटनागर ने इस क्राइसिस के दौरान डायबिटीज ,ओबेसिटी और थायराइड के रोगों पर कोरोनावायरस के प्रभाव पर अपना वक्तव्य दिया। उन्होंने बहुत ही विस्तार से इसकी विशेष स्क्रीनिंग और जागरूकता की नई तकनीकों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी।डॉ आकांक्षा भटनागर ने बताया कि किस प्रकार तनाव की अवस्था में हार्मोनल इम्बैलेंस होने से ओबेसिटी या मोटापा जैसा रोग बढ़ रहा है ।मुख्य वक्ता के रूप में युके से डॉक्टर सात्विक वर्मा ने कोविड-19 के अप्रत्याशित लक्षणों के बारे में विस्तारपूर्वक चर्चा की जैसे कि पैरों में या घुटनों में छाले का आ जाना, त्वचा संबंधी बदलाव होना और हृदय रोगों की गंभीरता को देखते हुए बचाव के तरीकों को बताया ।डॉ वर्मा रॉयल डर्बी हॉस्पिटल यूके में इमरजेंसी वार्ड में कार्यरत है उनके द्वारा यह जानकारी दी गई कि कोरोनावायरस से ग्रस्त लोगों में नए-नए प्रकार के लक्षण उत्पन्न हो रहे हैं जो पूर्व में परिलक्षित लक्षणों से भिन्न हैं।
अंतर्राष्ट्रीय वेबीनार में अंतिम वक्ता के रूप में भोपाल से डॉ माधुरी सिंघल , ने स्वास्थ्य लाभ हेतु योगा के वैज्ञानिक तकनीकों पर अपने विचार रखें उन्होंने बताया कि किस प्रकार योगा वैज्ञानिक तरीके से हमें मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ रखता है ।उन्होंने विभिन्न व्यायामो तथा प्राणायामो व उनके शरीर पर पड़ने वाले सकारात्मक प्रभाव का विस्तार पूर्वक वर्णन किया। उन्होंने हैप्पीनेस और वैलनेस के अन्य तरीकों पर भी प्रकाश डाले।
महाविद्यालय की प्राध्यापिका डॉ शिप्रा बनर्जी ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

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