शाहीन बाग पर दिल्ली सरकार का आदेश बेअसर, कोरोना के बीच तख्त के साथ जारी रहेगा धरना

नई दिल्ली। कोरोना के बढ़ते खतरे के बीच दिल्ली सरकार ने शादियों के अलावा 50 से ज्यादा लोगों की भीड़ जुटाने वाले सभी तरह के आयोजनों व धरना-प्रदर्शनों पर 31 मार्च तक पाबंदी लगा दी है। लेकिन शाहीन बाग में धरने पर बैठी महिलाओं ने दिल्ली सरकार के फैसले को दरकिनार करते हुए दो टूक कहा है कि उन्हें कोरोना वायरस से नहीं बल्कि सीएए, एनआरसी और एनपीआर से डर लगता है।
शाहीन बाग जहां पर पिछले 94 दिनों से लोग धरने पर बैठे हैं। शाहीन बाग के लोगों के लिए मानवता से बड़ा धरना है। कोरोना से लड़ाई का रास्ता शाहीन बाग ने रोक दिया है। पूरी दुनिया कोरोना के खिलाफ लड़ाई लड़ रही है। महामारी का खतरा, डब्लूएचओ, तमाम मुल्क और मेडिकल एक्सपर्ट्स लगातार सार्वजनिक जगह से दूर रहने औऱ साफ-सफाई का ध्यान रखने की अपील कर रहे हैं।
कोरोना के बढ़ते खतरे के बीच दिल्ली सरकार ने शादियों के अलावा 50 से ज्यादा लोगों की भीड़ जुटाने वाले सभी तरह के आयोजनों व धरना-प्रदर्शनों पर 31 मार्च तक पाबंदी लगा दी है। लेकिन शाहीन बाग में धरने पर बैठी महिलाओं ने दिल्ली सरकार के फैसले को दरकिनार करते हुए दो टूक कहा है कि उन्हें कोरोना वायरस से नहीं बल्कि सीएए, एनआरसी और एनपीआर से डर लगता है। खबरों के अनुसार शाहीन बाग में के तौर पर 2 मीटर की दूरी पर करीब 100 तख्त लगाया गया है।हर एक पर 2 महिलाएं बैठेंगी, 100 तख्त या चौकियां लगाई गई हैं।
वहीं दिल्ली सरकार के आदेश पर शाहीन बाग के धरना समर्थकों का कहना है कि जब दंगा हुआ तो केजरीवाल ने क्यों कोई ऑर्डर नहीं दिया। हमारे साथ जुड़े नहीं। यह आम आदमी नहीं मिनी बीजेपी है।

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