Friday, September 18

सरकार के फैसले पर अमल शुरू : किसानों को राहत   गंगरेल से सिंचाई के लिए आज छोड़ा गया 500 क्यूसेक पानी इस साल सिंचाई जलाशयों में जल भराव की स्थिति बेहतर

रायपुर, 28 जुलाई 2020/खरीफ फसलों की सिंचाई के लिए किसानों की मांग एवं आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए सिंचाई जलाशयों से जलापूर्ति किए जाने के छत्तीसगढ़ सरकार के फैसले पर जल संसाधन विभाग ने अमल शुरू कर दिया है। गंगरेल बांध सहित कई सिंचाई जलाशयों से सिंचाई के लिए पानी छोड़ दिया गया है। गंगरेल से आज 500 क्यूसेक पानी सिंचाई के लिए छोड़ा गया। बस्तर, राजनांदगांव, कबीरधाम, दुर्ग, महासमुंद, बलौदाबाजार, धमतरी, गरियाबंद आदि जिलों में सिंचाई जलाशयों से खरीफ फसलों की सिंचाई के लिए जलापूर्ति की जा रही है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में कल 27 जुलाई को उच्च स्तरीय बैठक में खरीफ फसलों की सिंचाई के लिए जलाशयों से जलापूर्ति किए जाने के फैसले से किसानों को बड़ी राहत मिली है। सिंचाई जलाशयों से जलापूर्ति होने से राज्य के उन इलाकों में जहां लगभग एक पखवाड़े से कम वर्षा हुई है, उन इलाकों में खरीफ फसलों की सिंचाई हो सकेगी। राज्य के बड़े एवं मध्यम सिंचाई जलाशयों में इस साल जल भराव की स्थिति बीते साल की तुलना में लगभग दोगुना है। मनियारी और खारंग जलाशय वर्तमान स्थिति में लबालब है, जबकि मिनी माता बांगो, दुधावा, सोंढूर जलाशय में जल भराव की स्थिति 80 फीसद से अधिक है।
गंगरेल जलाशय की सिंचाई क्षमता 2 लाख 64 हजार 311 हेक्टेयर है। इस जलाशय से धमतरी, बालोद, रायपुर, बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में सिंचाई होती है। जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता महानदी गोदावरी कछार श्री आर.के. नगरिया ने बताया कि गंगरेल बांध से पानी छोड़ने की मात्रा किसानों की मांग एवं आवश्यकता को देखते हुए बढ़ाई जाएगी। उन्होंने बताया कि बस्तर स्थित कोसारटेडा जलाशय से सिंचाई के लिए पानी दिया जा रहा है। इस जलाशय से बस्तर जिले में 7360 हेक्टेयर में सिंचाई होती है। मुख्य अभियंता श्री डी.सी. जैन ने बताया कि कबीरधाम जिले में छीरपानी जलाशय, सरोदादादर जलाशय और सुतियापाठ जलाशय से सिंचाई के लिए जलापूर्ति की जा रही है। राजनांदगांव जिले में पिपरिया जलाशय और सुरही जलाशय सहित मोंगरा बैराज से सिंचाई के लिए पानी दिया जा रहा है। बलौदाबाजार के जोंक व्यपवर्तन, धमतरी एवं गरियाबंद जिले में पैरी परियोजना से जलापूर्ति की जा रही है। महासमुंद जिले में कोडार जलाशय, दुर्ग जिले में खपरी जलाशय और बालोद जिला स्थित गोंदली जलाशय से किसानों को सिंचाई के लिए पानी दिया जा रहा है।
वर्तमान में मुंगेली जिले का मनियारी जलाशय और बिलासपुर जिले का खारंग जलाशय लबालब है, जबकि कोरबा जिला स्थित मिनीमाता बांगो सिंचाई परियोजना में 86.49, कांकेर स्थित दुधावा जलाशय में 80.74, गरियाबंद जिले के सिकासेर जलाशय में 63.33, धमतरी जिले के सोंढूर जलाशय में 86.90 प्रतिशत एवं माडमसिल्ली जलाशय में 62.36 प्रतिशत, कोडार में 61.56 प्रतिशत  जल भराव है। वर्तमान में उक्त बड़े जलाशयों में 76.17 प्रतिशत जल भराव है, जबकि बीते वर्ष इसी अवधि तक इन जलाशयों में मात्र 40.39 प्रतिशत जल भराव था। इसी तरह राज्य के 33 मध्यम सिंचाई जलाशयों में आज की स्थिति में 58.54 प्रतिशत जल भराव है, जो बीते वर्ष इसी अवधि में 26.60 प्रतिशत जल भराव से लगभग 32 प्रतिशत अधिक है।

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