Friday, September 25

सवाल का उत्तर नहीं आने से नाराज भाजपा सदस्यों ने किया सदन की कार्यवाही का बहिष्कार

0-डा. रेणु जोगी के प्रश्र पर भाजपा सदस्यों ने कृषि मंत्री को घेरने का किया प्रयास
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में भाजपा सदस्यों ने पशुओं की सुरक्षा के लिए बनाए गए गौठान से जुड़े मुद्दे पर कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे द्वारा सदन में सही उत्तर नहीं आने से नाराज भाजपा सदस्यों ने सदन की कार्यवाही से बहिष्कार किया।
प्रश्रकाल में आज जनता कांग्रेस की सदस्य डा. श्रीमती रेणु जोगी ने प्रदेश में पशुधन सुरक्षा हेतु निर्मित गौठान का मुद्दा उठाया। उन्होंने कृषि मंत्री से सवाल किया पशुओं की सुरक्षा के लिए गौठानों में चरवाहे और शेड की व्यवस्था की गई है या नहीं। इसके जवाब में कृषि मंत्री श्री चौबे ने बताया कि गौठानों में शेड निर्माण में कुल 591.55 लाख रूपये की राशि व्यय की गयी है और संचालित गौठानों के साथ 2632 चरवाहें सम्बद्ध है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश में स्वीकृत 5084 गौठानों में से 1771 गौठानों का निर्माण पूर्ण हो चुके है। उक्त गौठानों के निर्माण में कुल 17132.65 लाख का व्यय विभिन्न मद में किया गया है।
डा. रेणु जोगी ने पूरक प्रश्र करते हुए आरोप लगाया कि प्रदेश के 11 जिलों में निर्माण किए गए गौठानों में शेड निर्माण में एक रूपये की राशि खर्च नहीं की गई है। बिना शेड के पशुओं की सुरक्षा कैसे हो रही है। इसके जवाब में कृषि मंत्री ने कहा कि मैं स्वीकार करता हूं कि कुछ-कुछ गौठानों में पक्के शेड लगे और कुछ-कुछ में पक्के शेड नहीं लगे है, लेकिन यह कहना सही नहीं है कि शेड नहीं लगे है। उन्होंने कहा कि सभी गौठानों में शेड लगे कहीं पक्के तो कहीं कच्चे शेड लगे है।
कृषि मंत्री ने डा. रेणु जोगी के एक अन्य प्रश्र के उत्तर में कहा कि गौठानों में गौ-मूत्र सहित गोबर आदि का उपयोग हो सके इसके लिए योजनाएं चल रही है।
इस मुद्दे पर नेताप्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि गौठानों को लेकर बजट में कोई प्रावधान नहीं है। उन्होंने आपत्ति जतायी कि गौठानों के लिए दूसरे मद की राशि खर्च की जा रही है। भाजपा सदस्य नारायण चंदेल ने कहा कि पशुओं के लिए गौठान सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट है। इस प्रोजेक्ट के लिए बजट में कोई प्रावधान नहीं है। भाजपा सदस्य अजय चंद्राकर, शिवरतन शर्मा एवं सौरभ सिंह सहित अन्य भाजपा सदस्यों ने इस मुद्दे पर कृषि मंत्री द्वारा सदन में अलग-अलग जानकारी देने का आरोप लगाते हुए सवाल करने लगे। इस बीच विधानसभा अध्यक्ष डा. चरणदास महंत ने प्रश्र को आगे बढ़ाते हुए दूसरे प्रश्रकर्ता सदस्य का नाम उल्लेख करने लगे। भाजपा सदस्यों द्वारा बार-बार आसंदी से संरक्षण देने की बात कहते हुए सदन में मंत्री का सही उत्तर की मांग करते रहे। जब इस मुद्दे पर सदन में मंत्री की ओर से उत्तर नहीं आया तो भाजपा सदस्यों ने सदन की कार्यवाही से बहिष्कार कर सदन से बाहर चले गये।

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