सीमित संसाधनों के साथ राहत काम में जुटे हैं माकपा कार्यकर्ता : बांट रहे हैं साबुन, मास्क, सैनिटाइजर और राशन

संसाधन सीमित हैं, लेकिन हौसले बुलंद। कोरोना संकट की सबसे बड़ी मार गरीबों पर पड़ी है, जिसके पास इस हमले से निपटने के लिए ना साबुन है, ना सैनिटाइजर और मास्क। संकट इतना गहरा है कि बाजार में मेडिकल दुकानों में मास्क आसानी से उपलब्ध नहीं हैं और जो मास्क बिक रहे हैं, उसे केवल एक बार ही उपयोग किया जा सकता है और ये भी 50-60 रुपये से कम में भी नहीं बिक रहे हैं। गरीबों की क्षमता नहीं है कि एक तो घर में भूखे रहे, ऊपर से महंगे मास्कों का उपयोग करें। आम जनता की इस भारी समस्या को केंद्र में रखकर माकपा की ग्रामीण इकाईयां राहत काम संचालित कर रही है।

संकट की इस घड़ी में कोरबा में माकपा जिला सचिव प्रशांत झा के नेतृत्व में बांकीमोंगरा क्षेत्र के गांवों में वॉशेबल मास्क के वितरण का काम जारी है। गंगानगर, पुरैना भैरोताल आदि गांवों में 2000 से ज्यादा मास्कों का वितरण हो चुका है। यह मास्क भी माकपा पार्षद राजकुमारी कंवर के नेतृत्व में जनवादी महिला समिति की टीम तैयार कर रही है। इस काम में उनके साथ देवकुंवर, चंद्रिका बाई, जनता कंवर, सपुलता, इंदू, वीनस, सुमन ,मंजुलता, लीलावती आदि महिला कार्यकर्ता दिन-रात लगी हुई हैं। उनके द्वारा बनाये सूती कपड़ों के इन वॉशेबल मास्कों को ग्रामीण जनता भी काफी पसंद कर रही है, क्योंकि इनका उपयोग एक लंबे समय तक किया जा सकता है और बाजार में बिकने वाले मास्कों की तुलना में इनकी गुणवत्ता काफी अच्छी है। पूरी सावधानी के साथ घर-घर जाकर इन मास्कों के वितरण में संजय यादव, जवाहर सिंह कंवर, आनंद, शिवरतन, हरी, दिलहरण बिंझवार आदि माकपा कार्यकर्ता अपनी सहभागिता निभा रहे हैं।

लेकिन आम जनता ही संकट में नहीं हैं। दिन-रात अपने काम में लगी पुलिस भी आवश्यक जीवन रक्षक मेडिकल किट से महरूम है। इसे देखते हुए माकपा कार्यकर्ताओं ने बांकीमोंगरा थाना प्रभारी व स्टाफ को भी 100 मास्क व सैनिटाइजर उपलब्ध करवाए हैं। माकपा के इस सेवाभावी कार्य को व्यापारियों का भी समर्थन मिल रहा है और मास्क बनाने के लिए आवश्यक कपड़े बिना किसी लाभ के उपलब्ध करा रहे है। उल्लेखनीय है कि कोरबा नगर निगम में माकपा के दो पार्षद निर्वाचित हुए हैं। संकट की इस घड़ी में पार्टी के नेतृत्व में उनकी इस सक्रियता को जनता में काफी सराहा जा रहा है।

इस अभियान में लोगों को लगातार हाथ धोने व साफ रखने के तरीकों व इसकी जरूरत के बारे में भी आगाह किया जा रहा है तथा लोगों से अपील की जा रही है कि वह घरों से अनावश्यक बाहर न निकले। सूरजपुर जिले के भैयाथान तहसील के गांवों में भी माकपा और छत्तीसगढ़ किसान सभा के कार्यकर्ताओं द्वारा डेटॉल साबुन का वितरण किया जा रहा है और इस महामारी से बचने के लिए स्वच्छता रखने का आग्रह किया जा रहा है। किसान सभा नेता पूरन दास के नेतृत्व में पुनिता रजवाड़े, विजेश्वर सिंह और प्रकाश नारायण रजवाड़े, भगवान दास, लक्ष्मण, विक्की और राम सोनपाकर, चंद्रलाल सिंह, जगत सिंह, रामकिशुन सिंह, शशिराम, बिशन सिंह, जगत सिंह और चंद्र लाल स्प्रिंग आदि कार्यकर्ता काम कर रहे हैं। वे इस बात का भी ध्यान रख रहे हैं कि उनके इलाके के किसी गांव में कोई परिवार भूखा ना रहे। किसी घर में खाद्यान्न संकट का पता लगते ही गए अन्य घरों से राशन इकट्ठा कर उस घर तक पहुंचाने का भी काम कर रहे हैं। इसी तरह कोरबा में भी लॉक डाउन में फंसे दूसरे राज्यों और जिलों के *अतिथि मजदूरों और वाहन चालकों के लिए दाना-पानी-रहवास की व्यवस्था* में माकपा कार्यकर्ता लगे हैं।

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