Wednesday, August 5

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फारसी में राम का शाब्दिक अर्थ है आज्ञाकारी:,ईराक के एक शहर का नाम राम अल्लाह होना राम के काल्पनिक नही होने का प्रमाण है  रिजवी
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फारसी में राम का शाब्दिक अर्थ है आज्ञाकारी:,ईराक के एक शहर का नाम राम अल्लाह होना राम के काल्पनिक नही होने का प्रमाण है रिजवी

रायपुर।30/07/2020। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के मीडिया प्रमुख एवं मध्यप्रदेश पाठ्यपुस्तक निगम के पूर्व अध्यक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता इकबाल अहमद रिजवी ने मर्यादा पुरूषोत्तम श्री राम के बारे में एक महत्वपूर्ण जानकारी देश-विदेश की जनता को प्रेषित करते हुए बताया है कि विश्व की एकमात्र फारसी (परशियन) भाषा में राम का शाब्दिक अर्थ आज्ञाकारी होता है। इस बाबत् मेरी जानकारी में किसी भी समाज या धर्म के प्रमुखों द्वारा किसी व्याख्यान या प्रवचनों में नहीं बताया गया है परन्तु यह शब्द मुस्लिम देशों में प्रचलित है तथा ईस्लामिक देश ईराक में एक बड़े शहर का नाम ‘‘राम अल्लाह’’ है जो यह सिद्ध करता है कि राम शब्द काल्पनिक नहीं है। इस विषय पर भी गूढ़ मंथन होना चाहिए कि फारसी भाषा में राम शब्द कैसे आया। श्री राम आज्ञाकारी तो थे ही क्योंकि उन्होंने अपने पिता राजा दशरथ की आज्ञा का पालन करते हुए 14 वर्षों के वनवास पर ...
चन्द्र शेखर शर्मा की बात बेबाक,सत्ता के गलियारे में सिर्फ अली बाबा बदलता है,40 चोर तो वही रहते है
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चन्द्र शेखर शर्मा की बात बेबाक,सत्ता के गलियारे में सिर्फ अली बाबा बदलता है,40 चोर तो वही रहते है

विकास विकास की बाते और राग आलापते नेताओ की कोरी भाषण बाजी सुनते सुनाते कान पक गए पर विकास का पता ही नही चल रहा था कि अचानक न्यूज़ चैनल के एंकर चीखने चिल्लाने लगे विकास मारा गया । उनकी चीख पुकार सुनकर लगा न जाने आज फिर कौन सी सड़क धंस गई कौन सा पुल गिर गया या कौन सा भवन ढह गया । टीवी पर मची चीख पुकार को सुन विकास का हाल जानना चाहा तो पता चला विकास को तो उत्तरप्रदेश की बहादुर पुलिस ने मार गिराया है । अब बोलो जब सरकारी कर्मचारी ही विकास को मारने लग जाये तो वो दिखेगा कहाँ । वैसे सत्ता के गलियारे में बस अलीबाबा ही बदलता है चोर तो वही चालीस के चालीस ही रहते है । वैसे वयस्क होते हमारे छत्तीसगढ़ में तरक्की की बाढ़ आई हुई है और फिर कॅरोना आँटी ने भी आपदा में अवसर दे दिया है । जब विकास और तरक्की की बात हो तो मोदी और दाऊ की याद तो आनी ही है । दोनों के राज में आत्मनिर्भर बनते देश मे विकास इतना हो रहा कि...
नागपंचमी पर विशेष,चन्द्र शेखर शर्मा की कलम सेबात बेबाक ,सांप को जाने दे इनको मत छोड़िए
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नागपंचमी पर विशेष,चन्द्र शेखर शर्मा की कलम सेबात बेबाक ,सांप को जाने दे इनको मत छोड़िए

नागपंचमी की सभी शेष विशेष खद्दरधारी नाग नागिनों व आस्तीन के सांपो को बधाई मंगलकामनाएँ... जमीन पर रेंगने वाले सरीसृपों में सांपो की प्रजाति में दो मुंहे साँप के अस्तित्व का मिथक है हाँलाकि मैंने आज तक देखा नहीं है किन्तु बताया जाता है दो मुहाँ सांप अपने सामने खतरे को भांप अपनी सुविधानुसार आगे या पीछे चलने में महारथी होता है । संभवतः इसी वजह से इसे दो मुहाँ सांप कहते है । ऐसा ही अद्भुत गुण राजनीतिक अखाड़े में खद्दर धारियों में भी दिखता ही जो सत्ता लोलुपता के चलते अपनी निष्ठा , आत्मा व जमीर तक का सौदा करने से नही चूकते । वैसे जमीन पर रेंगने वाले सरीसृपों की प्रजाति सांपो से भी एक खतरनाक दो पैर , दो हाथ , दो आंख , दो कान , एक नाक और एक दिमाग वाली प्रजाति इस ब्रह्मांड पर पाई जाती है जो जहरीले सांपो से काफी ख़तरनाक जीव है जिसे इन्सान के नाम से जाना व पहचाना जाता है । इन इंसानो में भी दोमुंहों क...
NMDC सीएसआर के प्रयास भारत में सबसे अग्रणी पंक्ति में गिने जाते है.
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NMDC सीएसआर के प्रयास भारत में सबसे अग्रणी पंक्ति में गिने जाते है.

 सुमित देब, निदेशक (कार्मिक) एनएमडीसी लिमिटेड के लिए सार्थक संदेश एनएमडीसी लिमिटेड द्वारा किए जा रहे सीएसआर के प्रयास भारत में सबसे अग्रणी पंक्ति में गिने जाते हैं और केन्द्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के बीच एनएमडीसी सीएसआर अंतर्गत सर्वाधिक व्यय करने वालों में से एक है। एक जिम्मेदार कार्पोरेट  होने के नाते, एनएमडीसी समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का पालन करने में अग्रणी रहा है। एनएमडीसी का मानना है कि बड़े पैमाने पर समाज की भलाई संगठन के व्यवसाय और समृद्धि की प्रगति के लिए एक पूर्व-आवश्यकता है। भारत और विदेशों में चल रही अपनी गतिविधियों में विस्तार की अपनी व्यावसायिक द्वष्टि का अनुसरण करते  हुए, खनिज अन्वेषण के नए क्षेत्रों में विविधता लाने के साथ, एनएमडीसी अपने सीएसआर प्रयासों को और अधिक प्रभावी बनाना चाहता है ताकि अपनी परियोजनाओं के आस-पास के क्षेत्र में निरक्षरता एवं गरीबी ...
विशेष लेख ’छत्तीसगढ़ मा हरेली तिहार ले ‘‘गोधन न्याय योजना’’ की शुरूआत’ ’योजना ले आत्मनिर्भरता अउ रोजगार के मिलही लाभ’
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विशेष लेख ’छत्तीसगढ़ मा हरेली तिहार ले ‘‘गोधन न्याय योजना’’ की शुरूआत’ ’योजना ले आत्मनिर्भरता अउ रोजगार के मिलही लाभ’

विशेष लेखः- तेजबहादुर सिंह भुवाल छत्तीसगढ़ मं ये बखत हरेली तिहार म खुशहाली डबल होही। राज्य शासन ह महत्वाकांक्षी योजना ‘‘गोधन न्याय योजना’’ के शुरूआत जो करत हे। गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ राज्य के सपना ला साकार करे बर छत्तीसगढ़ म पाछू साल हरेली तिहार म सामान्य छुट्टी देके प्रदेश के सबो लोगन ला भेंट दे रीहिस। ‘‘सुराजी गांव योजना’’ चालू करके किसान मन बर उखर नदाये लोक संस्कृति अउ पारंपरिक चार चिन्हारी ला वापस लाईस हे। इही योजना ला आगे बढ़ा के गोधन न्याय योजना ले किसान मन ला रोजगार के अवसर अउ आर्थिक रूप ले लाभ पहुंचाय बर चालू करत हे। गोठान म गोवंशीय अउ भैंसवंशीय पशु के पालक मन ले गोबर ला शासकीय दर 2 रूपया किलो खरीदे के शुरूआत करत हे। इही गोबर ला गुणवत्ता युक्त वर्मी कम्पोस्ट खाद बनाके 8 रूपया किलो में बेचे जाहीं। येखर बर गांव-गांव में बनाए गौठान म स्व सहायता समूह मन काम कराही। किसान अउ मजूदर मन ला ऐखर ले ...
विश्व मे आंतक का अंत काम सूत्र में छुपा है इसका रहस्य
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विश्व मे आंतक का अंत काम सूत्र में छुपा है इसका रहस्य

लेखक संदीप तिवारी राज,         संपादक  दैनिक भारत भास्कर          कामसूत्र भारत में लगभग 300 भाषा में लिखी गयी...उस समय ये किताब लिखी गयी थी प्रेम और कामवासना को समझने के लिए...कामसूत्र में सिर्फ बीस प्रतिशत ही भाव भंगिमा कि बातें हैं बाक़ी अस्सी प्रतिशत शुद्ध प्रेम है...प्रेम के स्वरुप का वर्णन है...वात्सायन जानते थे कि बिना काम और प्रेम को समझे आत्मिक उंचाईयों को समझा ही नहीं जा सकता है कभी...ये आज भी दुनिया में सबसे अधिक पढ़ी जाने वाली किताबों में से एक है...!! भारत किसलिए अलग था अन्य देशों से ? संभवतः इसीलिए...क्यूंकि भारत जिस मानसिक खुलेपन की बात उस समय कर रहा था वो शायद ही किसी सभ्यता ने की थी...मगर धीरे-धीरे विदेशी प्रभावों से यहाँ की मानसिकता दूषित हो गयी...खजुराहो के मंदिर इस्लाम के आने के कुछ ही सौ साल बाद बने...ये बताता है कि उस वक़्त तक यहाँ अपनी संस्कृति और समझ को स्वीकार करने ...
बर्बर राज में वरवरा राव और बाकी सब
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बर्बर राज में वरवरा राव और बाकी सब

आलेख : बादल सरोज 4 इसमें दो मत नहीं कि इतिहास एक विज्ञान है। मगर उसके अपने नियम होते हैं। यह भौतिकी, रसायन या नाभिकीय विज्ञान जैसा -- यूँ होता, तो यूँ होता, तो क्यूँ होता -- जैसा सूत्रबद्ध किये जा सकने वाले अपरिवर्तनीय नियमों में बंधा विज्ञान नहीं है। यही वजह है कि इतिहास से सीखा तो जा सकता है, किन्तु उसमे वर्तमान के हूबहू समरूप या पैरेलल्स नहीं ढूँढे जा सकते/ नहीं ढूँढे जाने चाहिए। अब जैसे शासक वर्गों की तानाशाही को ही ले लें, 1972-77 के बीच बंगाल के जनवादी आंदोलन ने जिस अर्द्धफासिस्ट आतंक को भुगता था, उसे 2011 के बाद के, उससे भी ज्यादा कठिन हालात में फंसे पश्चिम बंगाल से जोड़कर नहीं देखा जा सकता। इंदिरा गांधी की इमर्जेन्सी की तुलना 2014 के बाद के उससे ज्यादा खराब हाल में पहुंचे भारत से नहीं की जा सकती। इतिहास के विज्ञान का एक बड़ा कारक उसका देशकाल होता है - जो परिवर्तनशील है। 🔴 शोषक-...
सौर उर्जा से रोशन हो रहे पहाड़ियों में बसे बैगा आदिवासियों के गांव
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सौर उर्जा से रोशन हो रहे पहाड़ियों में बसे बैगा आदिवासियों के गांव

रायपुर, 13 जुलाई 2020/ छत्तीसगढ़ के वनक्षेत्रों और पहाड़ी इलाकों के बसे गांव सौर उर्जा से जगमगाने लगे हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देशन में छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण क्रेडा द्वारा राज्य के ऐसे इलाके जहां पर विद्युत लाइन पहुंचाने में दिक्कत आ रही है वहां सौर ऊर्जा के माध्यम से बिजली पहंुचाने का कार्य किया जा रहा है। सौर उर्जा से इन क्षेत्रों के लोगों के जीवन में तरक्की की नई राह खुल रही है। सौर उर्जा से इन इलाकों में किसानों को सिंचाई सुविधा मिल रही है। वहीं स्वास्थ्य सुविधाओं में इजाफा हुआ है।           कबीरधाम जिले में बोड़ला एवं पंडरिया विकासखण्डो सहित अन्य बैगा बाहुल गांवों में कार्य योजना के तहत वहां सौर ऊर्जा के पावर प्लांट लगाए जा रहे हैं। योजना के तहत क्षेत्र में 51 सोलर पावर प्लांट के माध्यम से 47 स्थलों पर विद्युतीकरण का कार्य किया गया है। यहां करीब 600 यू...
कॉमरेड अजीत लाल : साधारण व्यक्ति, असाधारण व्यक्तित्व
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कॉमरेड अजीत लाल : साधारण व्यक्ति, असाधारण व्यक्तित्व

  कॉ. अजीत लाल : साधारण व्यक्ति, असाधारण व्यक्तित्व* (आलेख : संजय पराते) कॉ. अजीत लाल नहीं रहे। उनके जाने से धमतरी में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के इतिहास का एक अध्याय समाप्त होता है। उनके असामयिक निधन से छत्तीसगढ़ और खास तौर से धमतरी पार्टी तथा ट्रेड यूनियन आंदोलन को एक अपूरणीय क्षति हुई है, क्योंकि अपनी संघर्षशीलता तथा जीवटपन के कारण वे धमतरी के मजदूर आंदोलन की जीवंत शक्ति थे। इस शून्य को भरना आसान नहीं है। धमतरी में पार्टी और ट्रेड यूनियन आंदोलन को उनकी अनुपस्थिति लंबे समय तक खलती रहेगी। उनका राजनीतिक जीवन लगभग चार दशकों तक फैला था। उनकी सबसे बड़ी खूबी यह थी कि वे अपने संगी-साथी-मित्रों की खूबियों को पहचानते थे और इसका उपयोग वामपंथी आंदोलन के लिए कुशलतापूर्वक कर लेते थे। यही कारण है कि उनके राजनीतिक विरोधी तथा उनसे मत भिन्नता रखने वाले लोग भी उन्हें सम्मान की दृष्टि से दे...
सावन सोमवार पर विशेष ,जितना ही सादगी  से आप शिव की भक्ति करेगे शिव उतना ही अधिक प्रसन्न होगे
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सावन सोमवार पर विशेष ,जितना ही सादगी से आप शिव की भक्ति करेगे शिव उतना ही अधिक प्रसन्न होगे

ऐसे तो भगवान शिव की आराधना में कुछ भी नहीं लगना है जितना सादगी से आप शिव की भक्ति करेगे शिव उतना ही प्रसन्न होगे। मात्र बेल के पत्ते पर धतुरे के फल और फूल पर शिव प्रसन्न हो जाते हैं। उससे भी सरल शिव सिर्फ शिव लिंग पर एक लोटा जल चढ़ाने से प्रसन्न हो जाते है। किसी रोगी की सेवा से ही आप शिव अंश होने की कृपा प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा अगर आप कोई नियम और विधि से पूजा कर संतुष्ट होना चाहते हैं तो इस तरह कर सकते है शिव उपसान पूजा दय से प्रारंभ कर तीसरे पहर तक किया जाता है। शिव पूजा के बाद सोमवार व्रत की कथा सुननी आवश्यक है। व्रत करने वाले को दिन में एक बार भोजन करना चाहिए। सावन सोमवार को ब्रह्म मुहूर्त में सोकर उठें।पूरे घर की सफाई कर स्नानादि से निवृत्त हो जाएं। गंगा जल या पवित्र जल पूरे घर में छिड़कें। र में ही किसी पवित्र स्थान पर भगवान शिव की मूर्ति या चित्र स्थापित करें। पूरी पू...