Thursday, August 13

तब्लीग जमात के युवक को कोरोना के संदेह में बंधक बनाने का आरोप,सुकमा के शाहनवाज़ के बारे में माकपा ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर की हस्तक्षेप की अपील

 

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने तबलीगी जमात से संबंध रखने की अफवाह और कोरोना पॉजिटिव होने के शक के आधार पर सुकमा प्रशासन द्वारा जबरदस्ती क्वारंटाइन करके रखे गए शाहनवाज़ नामक युवक के मामले को संज्ञान में लेने तथा उसे तुरंत क्वारंटाइन सेंटर से मुक्त करने की अपील करते हुए आज मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। पार्टी ने कहा है कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि मीडिया में मामला उछलने के बाद भी ईद के पवित्र दिन यह युवक प्रशासन की कैद में है।

अपने लिखे पत्र में माकपा राज्य सचिव संजय पराते ने मुख्यमंत्री से इस युवक को उसके कोरोना पॉजिटिव होने या न होने की रिपोर्ट देने की मांग करते हुए अपील की है कि यदि यह युवक कोरोना पॉजिटिव है, तो उसका अस्पताल में उचित इलाज कराने की व्यवस्था की जाए अन्यथा उसे तुरंत रिहा किया जाएं। माकपा नेता ने अपने पत्र के साथ पीड़ित युवक के साथ ही हुई बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग भी संलग्न की है।

पार्टी ने पूरे मामले के संबंध में आम जनता के बीच फैले भ्रम को दूर करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा स्पष्टीकरण जारी करने की भी मांग की है।

*माकपा द्वारा मुख्यमंत्री को लिखा गया पत्र इस प्रकार है* :

प्रति,
मुख्यमंत्री
छत्तीसगढ़ शासन, नया रायपुर.

*विषय : अफवाह और शक के आधार पर सुकमा में एक मुस्लिम युवक को जबरन क्वारंटाइन में रखने के संबंध में।*

महोदय,

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी की ओर से मैं आपका ध्यान निम्न तथ्यों की ओर आकर्षित करना चाहता हूं :

1. शाहनवाज़ अहमद नामक एक युवक मूल रूप से बिहार का रहने वाला है और विगत पांच वर्षों से सुकमा जिले के तोंगपाल में जीवन यापन कर रहा है। 4 जुलाई को वह बिहार से तोंगपाल पहुंचा, तो उसे 17 जुलाई तक के लिए क्वारंटाइन कर दिया गया।

2. इसी बीच संघ-भाजपा समर्थकों ने उसके तबलीगी जमात से संबंध होने और कोरोना पॉजिटिव होने की अफवाह उड़ा दी, जिसके बाद प्रशासन ने उसे 16 जुलाई को जबरदस्ती तोंगपाल के ही क्वारंटाइन सेंटर में बंद कर दिया। फिर उसे 21 जुलाई को मेडिकल कॉलेज, जगदलपुर (मेकॉज) में भर्ती कराया दिया। युवक का दावा है कि कोरोना का इलाज किये बिना और उसके पॉजिटिव या नेगेटिव होने की रिपोर्ट दिए बिना अस्पताल प्रशासन ने उसे 27 जुलाई को डिस्चार्ज कर दिया, लेकिन उसे फिर प्रशासन ने अपने कब्जे में ले लिया है और जबरन उसे सुकमा स्थित क्वारंटाइन सेन्टर में कैद किये हुए है। आज ईद के पवित्र दिन भी यह युवक प्रशासन के कब्जे में है।

3. यह प्रकरण मीडिया में भी काफी उछला है। इस युवक के साथ हुई टेलिफोनिक बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग इस पत्र के साथ मैं संलग्न कर रहा हूं, जिसमें वह कह रहा है कि प्रशासन उसके साथ किसी आतंकवादी की तरह व्यवहार कर रहा है और अपना मामला उजागर करने पर एसडीएम उसे जेल भेजने की धमकी दे रहे हैं।

4. अपनी बीमारी की वास्तविक स्थिति और रिपोर्ट के बारे में जानना हर मरीज का अधिकार है। शाहनवाज़ नामक यह युवक 4 जुलाई से प्रशासन के कब्जे में है। यदि वह पॉजिटिव है, तो उसका इलाज किये बिना मेकॉज द्वारा उसे डिस्चार्ज करना गंभीर मामला है। यदि वह नेगेटिव है, तो प्रशासन द्वारा उसे जबरन क्वारंटाइन में रखना और भी गंभीर मामला है। यह उसकी व्यक्तिगत स्वतंत्रता और मानवाधिकारों का हनन है।

5. एक संवेदनशील मुख्यमंत्री होने के नाते माकपा आपसे तुरंत हस्तक्षेप करने का अनुरोध करती है। माकपा आपसे अपील करती है कि :
1. इस युवक को उसके कोरोना पॉजिटिव होने या न होने की रिपोर्ट प्रदान की जाए, ताकि वह अपने जीवन के बारे में आश्वस्त हो सके।
2. यदि यह युवक कोरोना पॉजिटिव है, तो उसका अस्पताल में उचित इलाज कराने की व्यवस्था की जाए।
3. यदि यह युवक कोरोना पॉजिटिव नहीं है, तो उसे तुरंत क्वारंटाइन सेंटर से मुक्त किया जाए। यदि उसके धर्म और अफवाह के आधार पर उसकी जान को कोई वास्तविक खतरा है, तो उसके जान-माल की हिफाजत की उचित व्यवस्था की जाए।

6. माकपा यह भी मांग करती है कि पूरे मामले के संबंध में आम जनता के बीच फैले भ्रम को दूर करने के लिए जिला प्रशासन स्पष्टीकरण जारी करें।

आशा है, इस संवेदनशील प्रकरण में उक्त युवक के पक्ष में आप सकारात्मक निर्देश सुकमा जिला प्रशासन को देंगे।

शुभकामनाओं के साथ,

आपका
*संजय पराते*
सचिव, माकपा, छग
(मो) 094242-31650
दिनांक : 01.08.2020

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