धर्म अहिंसा का पर्याय है जैन साध्वियों का अनुसरण करें प्रज्ञा ठाकुर : रिजवी

 

रायपुर 16/09/2020। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के मीडिया प्रमुख, मध्यप्रदेश पाठ्यपुस्तक निगम के पूर्व अध्यक्ष, पूर्व उपमहापौर तथा वरिष्ठ अधिवक्ता इकबाल अहमद रिजवी ने कहा है कि जैन धर्म अहिंसा का पर्याय है तथा जैन धर्म के धर्माचार्य, साधु एवं साध्वियां मानवता, भाईचारा एवं सौहार्द्र के संदेशवाहक हैं। उनके सानिध्य में रहकर अधर्मी नास्तिक एवं अपराधी तत्व द्वारा भी ईश्वर एवं ईश्वर के संदेशवाहकों के बताए मार्ग पर चल कर मोक्ष को प्राप्त किया जा सकता है क्योंकि सभी धर्मों का मूलमंत्र है कि इन्सानियत की राह पर आखिबत अर्थात् परलोक को सुधारा जा सकता है।
रिजवी ने आगे कहा है कि देश की एकता, अखण्डता एवं सौहार्द्र को नष्ट करने वाली टिप्पणियों से सभी को और खासतौर पर तथाकथित साधु, संतो एवं साध्वियों को परहेज करना चाहिए। उन्होंने पूछा है कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोड़से को देशभक्त बताकर तथाकथित भाजपाई साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने जो पाप किया है वह देशद्रोह की श्रेणी में आता है और ऐसी अमर्यादित देशद्रोही बयानबाजी करने वाली प्रज्ञा ठाकुर चुनाव लड़कर लोकतंत्र की बड़ी संस्था संसद तक पहुंच जाती है, इसे विडम्बना ही कहा जाएगा। प्रज्ञा ठाकुर जैसे भड़काऊ अमर्यादित बयान देने वाले विभिन्न धर्मों एवं राजनैतिक दलों के जनप्रतिनिधियों को जैन धर्म के प्रवचनों में जाकर यह सीखना चाहिए कि सही मायनों में साधु-साध्वियों का आचरण एवं व्यवहार कैसा होना चाहिए। प्रज्ञा ठाकुर जैन साध्वियों के बीच समय बिताए तो अपने आप उनमें भी आमूलचूल परिवर्तन स्पष्ट नजर आएगा तथा मुख से निकलने वाले उत्तेजक एवं आक्रामक शब्द स्वयंमेव गायब हो जाऐंगे और जनता भी बेझिझक उन्हें साध्वी कहने से नहीं कतराएगी।

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