Tag: दुश्मन उसका आसमां क्यों हो*         बादल सरोज

हुए तुम  दोस्त जिसके, दुश्मन उसका आसमां क्यों हो
रायपुर, लेख-आलेख

हुए तुम  दोस्त जिसके, दुश्मन उसका आसमां क्यों हो

      बादल सरोज 70 और 80 के दशक में एक अमरीकी खुफिया प्लान बड़ी चर्चा का विषय बना था। संसद में भी उसे लेकर बहुत शोर - जाहिर है वामपंथियों और कुछ सोशलिस्ट सांसदों द्वारा - किया गया था। इस खुफिया दस्तावेज का नाम था "प्रोजेक्ट ब्रह्मपुत्र" और इसे अमरीकी विदेश विभाग के साथ मिलकर पेंटागन में बैठे नीति-निर्माताओं ने तैयार किया था। अंतर्राष्ट्रीय कूटनीति में यह एक तरफ उस समय रूस और समाजवादी खेमे के खिलाफ अमरीका द्वारा सारे कस बल लगाकर छेड़े गए शीत-युद्ध और दूसरी तरफ गुटनिरपेक्ष आंदोलन की जोरदार धमक का दौर था। अमरीका कुछ ही साल पहले नन्हे से वियतनाम से बुरी तरह पिट कर लौटा था। मगर जैसे भी हो वैसे पूरी दुनिया पर काबिज होने की उसकी हवस और हर तरह का वर्चस्व हासिल करने की साजिशें खत्म नहीं हुयी थी। हेनरी किसिंजर तब अमरीकी विदेश नीति की धुरी थे, दुनिया भर में युद्ध, अशांति, बिखराव उनका प्रिय शगल था। ...