Friday, September 18

Tag: मानवाधिकार आयोग ने झूठे आरोपों और गिरफ्तारियों के कारण हुई “मानसिक प्रताड़ना और मानवाधिकारों के उल्लंघन के लिए” पीड़ितों को एक-एक लाख रूपये मुआवजा देने का आदेश दिया छत्तीसगढ़ सरकार को

मानवाधिकार आयोग ने झूठे आरोपों और गिरफ्तारियों के कारण हुई “मानसिक प्रताड़ना और मानवाधिकारों के उल्लंघन के लिए” पीड़ितों को एक-एक लाख रूपये मुआवजा देने का आदेश दिया छत्तीसगढ़ सरकार को
खास खबर, छत्तीसगढ़ प्रदेश, देश-विदेश

मानवाधिकार आयोग ने झूठे आरोपों और गिरफ्तारियों के कारण हुई “मानसिक प्रताड़ना और मानवाधिकारों के उल्लंघन के लिए” पीड़ितों को एक-एक लाख रूपये मुआवजा देने का आदेश दिया छत्तीसगढ़ सरकार को

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने मानव अधिकारों की रक्षा के लिए काम करने वाले कार्यकर्ताओं के खिलाफ झूठे मुक़दमे दर्ज करने के लिए एक-एक लाख रूपये मुआवजा देने का निर्देश छत्तीसगढ़ सरकार को दिया है. 5 नवम्बर 2016 को छत्तीसगढ़ पुलिस ने हम लोगों के खिलाफ आईपीसी की विभिन्न धाराओं, आर्म्स एक्ट और यूएपीए के तहत सुकमा जिले के नामा गांव के शामनाथ बघेल नामक किसी व्यक्ति की हत्या के आरोप में एफआईआर दर्ज किया था. बताया जाता है कि यह मामला शामनाथ की विधवा विमला बघेल की लिखित शिकायत पर दर्ज किया गया था. बहरहाल, इसके प्रमाण हैं कि अपनी शिकायत में उसने हम में से किसी का भी नाम नहीं लिया था. 15 नवम्बर 2016 को सुप्रीम कोर्ट ने गिरफ़्तारी से हमें संरक्षण दिया था. चूंकि छत्तीसगढ़ सरकार ने मामले की जांच करने या इसके खात्मे के लिए कोई कदम नहीं उठाया, हमने वर्ष 2018 में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी. सुप्रीम ...