Tag: युवा मानसिक गुलामी का शिकार होने से बचें – राजेश बिस्सा

राजेश बिस्सा की युवाओ के नाम खुली चिठ्ठी ,युवा मानसिक गुलामी का शिकार होने से बचें –
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राजेश बिस्सा की युवाओ के नाम खुली चिठ्ठी ,युवा मानसिक गुलामी का शिकार होने से बचें –

युवा मानसिक गुलामी का शिकार होने से बचें - राजेश बिस्सा प्रिय युवाओं सादर वंदे, युवा अर्थात जवाबदारी। युवाओं को जवाबदारी का प्रतीक ऐसे ही नहीं माना गया है। अपार संभावनाओं का स्वामी युवा हर असंभव को संभव करने की शक्ति रखता है। संत कबीर दास जी का एक दोहा है – ज्यों तिल माहि तेल है, ज्यों चकमक में आग। तेरा साईं तुझ ही में है, जाग सके तो जाग।। “ज्यों तिल माहि तेल है” अर्थात जिस प्रकार छोटे से तिल के दाने में तेल होता है। उसी प्रकार युवा में असीम संभावनाओं का भंडार होता है। जिसे कुछ प्रयासों से बाहर निकाला जा सकता है। “ज्यों चकमक में आग” अर्थात जिस प्रकार आग में रोशनी होती है उसी प्रकार युवा का व्यक्तित्व अपार ऊर्जा से परिपूर्ण होता है। उसका छोटा सा प्रयास भी समाज, राष्ट्र व स्वयं को प्रकाशित कर सकता है। “तेरा सांई तुझ में ही” अर्थात आप का ईश्वर आपके अंदर विद्यमान हैं। ईश...