Thursday, September 24

Tag: वसुंधरा के रजोनिवृत्ति होने का उत्सव रज संक्रांति और भूमि दहन ओडिआ संस्कृति के इस पर्व की परंपराऐं पूर्वी छत्तीसगढ़ मे भी प्रचलित

वसुंधरा के रजोनिवृत्ति होने का उत्सव रज संक्रांति और भूमि दहन   ओडिआ संस्कृति के इस पर्व की परंपराऐं पूर्वी छत्तीसगढ़ मे भी प्रचलित
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वसुंधरा के रजोनिवृत्ति होने का उत्सव रज संक्रांति और भूमि दहन ओडिआ संस्कृति के इस पर्व की परंपराऐं पूर्वी छत्तीसगढ़ मे भी प्रचलित

किशोर कर ब्यूरोचीफ महासमुंद वसुंधरा के रजोनिवृत्ति होने का उत्सव रज संक्रांति और भूमि दहन ओडिआ संस्कृति के इस पर्व की परंपराऐं पूर्वी छत्तीसगढ़ मे भी प्रचलित भारत भिन्न-भिन्न मान्यताओं एवं परम्पराओं का देश है, जो इस विशाल देश को संस्कृति ही एक सूत्र में बांधकर रखती है। संस्कृति की अजस्र धारा सभी प्राणियों को अपने पीयूष से सिंचित कर पुष्पित पल्लवित कर पोषण प्रदान करती है। हमारी संस्कृति प्रकृति के साथ एकाकार है। प्रकृति के बिना हम संस्कृति की कल्पना भी नहीं कर सकते। यही संस्कृति मनुष्य को ज्ञान प्रदान कर सभ्य बनाती है। हमारी संस्कृति में पृथ्वी को भी स्त्री रुप में ही माना गया है। भगवान विष्णु वराह अवतार धारण कर पृथ्वी का उद्धार करते हैं और शास्त्रों में भू देवी उद्धार के नाम से जानी जाती है। जब पृथ्वी को स्त्री के रुप में माना जाता है तो उसके साथ उसी रुप में व्यवहार किया जाता है। ...