Thursday, February 2

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हमने प्रकृति का शोषण किया है, समझदारी से दोहन करना होगा : मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान
खास खबर, भोपाल, मध्यप्रदेश

हमने प्रकृति का शोषण किया है, समझदारी से दोहन करना होगा : मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान

पानी का संतुलित उपयोग करें सरकार का ही नहीं, सभी का दायित्व है मुख्यमंत्री श्री चौहान उज्जैन में जल आधारित "सुजलाम" कॉन्फ्रेंस में हुए शामिल भोपाल (IMNB). मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि भारतीय संस्कृति एकात्मतावादी है। विश्व में जब कई सभ्यताएँ मिट रही थी, तब हमारे देश में वेदों की ऋचाएँ रची जा रही थी। वसुधैव कुटुंबकम हमारी धरती से ही उपजा है। सर्वे भवन्तु सुखिन:, सर्वे सन्तु निरामया के सूत्र वाक्य से हमारे ऋषि-मुनियों ने बताया है कि विश्व में किस तरह से सुख और शान्ति से रहा जा सकता है। उन्होंने कहा कि हमने प्रकृति का शोषण कर प्राकृतिक संतुलन बिगाड़ दिया है। समझदारी के साथ संसाधनों का दोहन करना ही इस सृष्टि की रक्षा करेगा। उन्होंने कहा कि आज सुजलाम कॉन्फ्रेंस में जल तत्व के बारे में जो विचार एवं कार्य-योजना बनेगी, उसी पर राज्य सरकार कार्य करेगी।   मुख्यमंत्री ...