Saturday, February 4

Tag: होती है खराब आओ पी-पीकर इसे खतम करें

वरिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेव की बेबाक कलम सीधे रस्ते की टेढ़ी चाल शराब, होती है खराब आओ पी-पीकर इसे खतम करें
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वरिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेव की बेबाक कलम सीधे रस्ते की टेढ़ी चाल शराब, होती है खराब आओ पी-पीकर इसे खतम करें

अंग्रेजी नये साल की शुभकामनाएं। नये साल की शुरूआत में आमतौर पर मौज-मस्ती की जाती है। और मौज-मस्ती का नाम हो और शराब न हो आमतौर पर ऐसा नहीं समझा जाता। लोगबाग मौज मस्ती तभी पूरी होती है जब नाचा जाए और आम धारणा यही है कि नाचने के लिये शराब चाहिये तो मौज करने को आनंद लेने को शराब से अलग रखकर नहीं देखते। तो हम थोड़ी सी बात शराब की करेेंगे। शराब से जुड़ी उपर की लाईनेें पढ़कर मजा आया न। इसका श्रेय मुझे नहीं उस कवि को जाना चाहिये जिसने ये लिखी हैं। कमाल लिखी हैं। लेकिन पीने वाले इसे आधा ही मानते हैं। क्योंकि पीने वालों को ऐतराज है ‘होती है खराब’ में। ‘पी-पीकर’ से परम आनंद की अनुभूति होती है। ‘खत्म करें’ पर फिर ऐतराज है। क्योंकि पीने वालों को पीने का बहाना चाहिये। खुशी का मौका हो तो खुशी में और दुखी हों तो गम के मारे.... पीना अश्वम्भावी है। मेरा एक बड़ा ही कड़ुवा अनुभव ऐसा रहा है कि जिसमें...