प्रशासन के सुस्त चाल से नाराज विकास ने कहा आज का समय लोगों को सिर्फ बचाने का है, जान रहेगी तो अन्य कार्य कभी भी हो सकते हैं ‌

 

रायपुर 12 सितम्बर 2020। राजधानी में कमर कस चुके संसदीय सचिव विकास उपाध्याय प्रशासन के हील हवाल से नाराज दिखे लगातार जनता की शिकायत पर उन्होंने प्रशासन को सीधे और साफ शब्दो में कहा जान बचाना जरूरी है बाकी कार्य कभी भी हो सकते हैं।गौरतलब है कि विकास उपध्याय युद्ध स्तर पर जुटे हुए है लोगो की मदद करने के लिए इस कारण उनके पास शिकायते भी पहुंच रही है।  राजधानी रायपुर सहित पूरे जिला में आये दिन कोविड-19 के बढ़ते संक्रमण को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए मातहत अधिकारियों द्वारा सार्वजनिक तौर पर इससे हटकर अन्य कार्यों में रूचि लेने पर नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने मुख्य सचिव आर.पी. मण्डल से दूरभाष पर चर्चा कर कहा कि आप स्वयं कोविड-19 के रोकथाम को लेकर निरीक्षण करने फील्ड में निकलें इससे अधीनस्थ अधिकारियों पर काम करने दवाब बनेगा।

संसदीय सचिव विकास उपाध्याय कोरोना काल के शुरूआती समय से लेकर आज पर्यन्त तक लगातार दिन-रात इसके रोकथाम हेतु स्वयं लोगों के बीच उपस्थित हो कर मदत करने बढ़चढ़ कर आगे आ रहे हैं। हाल ही के दिनों जिस तरह से राजधानी रायपुर समेत पूरे जिले में जिस गति से संक्रमण बढ़ा है, उसे लेकर वे खासे चिंतित हैं। इस बीच कई उनके करीबी मित्र, पत्रकार सहित जांबाज़ अधिकारीयों की मृत्यु के साथ-साथ आम जनों ने भी अपनों को खोया है।संसदीय सचिव विकास उपाध्याय ने अपनी मंशा जाहिर करते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जिस तरह से बढ़ते संक्रमण को लेकर शासन एवं प्रशासन को स्पष्ट हिदायत दे रहे हैं उनके अनुरूप कार्य होना चाहिये।

विकास उपाध्याय ने मुख्य सचिव आर.पी. मण्डल से इस बीच फोन  पर आज वर्तमान परिस्थितियों पर चर्चा कर कहा कि शासन में प्रथम जिम्मेदार अधिकारी होने के नाते  जिन्दगी और मौत के बीच जूझ रहे संक्रमित लोगों के बीच सही तरीका से सरकार के अनुरूप कार्य योजना को मूर्त रूप दिया जा रहा है कि नहीं का आप स्वयं जायजा लीजिए इससे अच्छा संदेश के साथ ही अन्य अधिकारी भी सक्रिय होंगे और अधीनस्थ अधिकारियों पर काम करने दबाव भी बनेगा। आज इस बात का ध्यान रखने की जरूरत है कि आपके अधीनस्थ अधिकारी संक्रमण काल के इस विपरीत परिस्थितियों में अपने कर्तव्यों का निर्वहन ठीक से कर रहे हैं कि नहीं, इस बात की जानकारी लेना निहायत ही जरूरी है। उन्होंने कहा अन्य कार्य पर को अभी नजरअंदाज किया जाए। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि आज का समय लोगों को बचाने का है, अस्पतालों में हाहाकार मचा हुआ है, एक ही परिवार के किसी सदस्य की मृत्यु हो गयी है तो उसी परिवार के अन्य सदस्य संक्रमण के चलते अस्पताल में भर्ती हैं।

विकास उपाध्याय ने याद दिलाया कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बैठक लेकर अधिकारीयों को स्पष्ट हिदायत दी है कि वे सरकारी अस्पतालों में इस बात का ध्यान रखें कि कोई पीड़ित भर्ती को लेकर परेशान न हों। यहाँ तक कि उन्होंने कहा कि कोविड सेंटरों में बेड उन्हीं मरीजों को दिया जाए जिन्हें जरूरत है। जरूरत के हिसाब से बेड किसे मिलना चाहिये इसका फैसला डाॅक्टरों को मरीज की स्थिति देखकर करने दिया जाए। ऐसे में जिम्मेदार अधिकारीयों का और भी गम्भीर होना आज की जरूरत है। उन्होंने मुख्य सचिव से कहा कि वे स्वयं इन तमाम हालातों की जायजा लेने अस्पताल समेत कोविड सेंटरों में जाकर देखें कि वहाँ पर्याप्त बेड की व्यवस्था, आॅक्सिजन की सुविधा के साथ-साथ आवश्यक दवाईयों का इंतजाम हो रहा है कि नहीं आज इससे बढ़कर और कोई कार्य नहीं होना चाहिये। जान रहेगी तो अन्य कार्य कभी भी किये जा सकते हैं, इस बात का ध्यान रखना चाहिये।

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