कवर्धा जिला अस्पताल,काऊ कैचर कही डेथ कैचर न बन जाए ,दिव्यंगो के लिए बने परेशानी का सबब

0 काऊ कैचर कही डेथ कैचर न बन जाए
0 काउ कैचर दिव्यंगो के लिए बने परेशानी का सबब
0 काऊ कैचर के चलते एक का घुटना टूटा बच्चे की जान जाते जाते बची
कवर्धा – जिला मुख्यालय स्थित 100 बिस्तर का जिला अस्पताल अव्यवस्थाओं की चलते अक्सर चर्चित रहता है डाक्टरों की मौजूदगी के बाद भी रेफरल सेन्टर बने जिला अस्पताल में व्याप्त अव्यवस्थाएं भी अस्पताल में आने जाने वाले मरीजों व उनके परिजनों के लिए गले की फांस बन गई है। अस्पताल के मुख्यद्वार पर आवारा पशुओं को अंदर आने से रोकने के लिए लगाया गया काऊ कैचर आवारा पशुओं के अस्पताल में आवागमन को तो नहीं रोक पा रहा है परंतु इसमें आए दिन अस्पताल के कर्मियों सहित उपचार के लिए आने वाली महिलाओं, बुजुर्गों व बच्चों के पांव जरूर फंस जाते हैं अथवा गाड़ी दुर्घटना ग्रस्त हो रही है । लोगो की हड्डियां तक टूट रही है जिससे लोगों को बेहद परेशानी का सामना करना पड़ता है। प्रशासन की अनदेखी के चलते कही काऊ कैचर मौत का कैचर न बन जाय। विगत दिनो जिला हॉस्पिटल में पदस्थ काउंसलर , एक लैब टेक्नीशियन काऊ कैचर के चलते दुर्घटना के शिकार हो चुके है बावजूद इसके अस्पताल प्रबंधन का इस ओर ध्यान नही देना समझ से परे है । जबकि जिला अस्पताल में प्रत्येक गुरुवार को विकलांगता प्रमाण पत्र बनवाने हेतु शिविर लगता है जिसमे जिले भर से दिव्यांग आते है जिनको काऊ कैचर के चलते भारी परेशानी और जोखिम उठानी पड़ रही है । गौरतलब है कि अस्पताल में व्याप्त अव्यवस्थाओं को लेकर नगरवासियों में प्रशासन के प्रति गहरा आक्रोश व्याप्त है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *