जनसंख्या नियंत्रण कानून पर बोले बाबा रामदेव, 2 से ज्यादा बच्चे पैदा करने वालों को मिले सजा

नई दिल्ली। योग गुरु बाबा रामदेव ने सरकार से देश में जनसंख्या नियंत्रण के लिये कानून बनाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सरकार को जनसंख्या नियंत्रण को लेकर कठोर कदम उठाना चाहिए तथा दो से अधिक बच्चा पैदा करने वालों को दंडित किये जाने का प्रावधान किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश की आबादी 125 करोड़ से अधिक हो गयी है और यह नियंत्रित नहीं हो रही है। इस पर सोचना होगा।
उन्होंने कहा कि देश में प्राकृतिक संसाधन सीमित हैं। देख में औद्योगिक विकास और शहरीकरण के कारण खेती की जमीन घट रही है। भूगर्भ जल संकट बढ़ रहा है और कई अन्य प्रकार की समस्यायें पैदा हो रही हैं जिसके कारण जनसंख्या को नियंत्रित करने की जरूरत है।
रामदेव ने जवाहर लाल नेहरु विश्वविद्यालय (जेएनयू) के छात्रों तथा राष्ट्रीय राजधानी के शाहीन बाग में पिछले 40 दिनों से नागरिकता संशोधन कानून को वापस लेने की मांग को लेकर किए जा रहे आन्दोलन को समाप्त करने पर जोर देते हुये कहा कि छात्रों का काम प्रतिभा निखारना है। स्वामी रामदेव ने कहा कि आन्दोलन करना राजनीतिक दलों का काम है और हिंसा, अराजकता फैलाना और अन्दोलन करना छात्रों का काम नहीं हैं। छात्रों का कार्य प्रतिभा निखारना और चरित्र निर्माण करना है। छात्रों को देश के विकास में अपनी ऊर्जा लगानी चाहिए। योग गुरु ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और शहीद भगत सिंह की ‘आजादी’ के नारे तो ठीक हैं लेकिन जिन्ना की ‘आजादी’ के नारे देश के साथ धोखा एवं गद्दारी के समान है।
बाबा रामदेव ने खाद्य तेल के आयात पर गहरी चिन्ता व्यक्त करते हुये शुक्रवार को कहा कि देश इस मामले में पांच साल के अंदर आत्मनिर्भर हो सकता है। उन्होंने कहा कि देश में सालाना डेढ़ से दो लाख करोड़ रुपये के खाद्य तेलों का आयात किया जाता है जिनमें पाम आयल प्रमुख है। उन्होंने कहा कि सरकार इस क्षेत्र में गंभीरता से कार्य करे और प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग करे तो खाद्य तेल के आयात को नियंत्रित किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में दो लाख हेक्टेयर में पाम की खेती की जा रही है जिसे पांच साल में 10 गुना किया जा सकता है। आन्ध्र प्रदेश, तमिलनाडु, कनार्टक और पूवोर्त्तर क्षेत्र के राज्य पाम की खेती के अनुकूल है। सोयाबीन और मूंगफली की तुलना में पाम से तीन-चार गुना अधिक तेल निकलता है। उन्होंने कहा कि किसान एक एकड़ में पाम की खेती से सालाना 80000 रुपये तक कमा सकते हैं।
योग गुरु ने सोयाबीन की खेती बढ़ाने पर भी जोर देते हुये कहा कि इसकी खेती की देश में व्यापक संभावना है। इसकी खेती में तीन गुना तक की वृद्धि की जा सकती है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वषोर्ं के दौरान सूरजमुखी की खेती के क्षेत्र में कमी आयी है जिसे बढ़ाये जाने की जरूरत है। इन फसलों की उत्पादकता भी बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि खाद्य तेल में आत्मनिर्भरता को लेकर वह जल्दी ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के समक्ष एक प्रस्तुति देंगे।

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