जब तक सबको लेकर नहीं चलेंगे तब तक हिन्दुस्तान की अर्थव्यवस्था और बेरोजगारी को सुधारा नहीं जा सकता-राहुल गांधी

दंतेवाड़ा में गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वालों का प्रतिशत चार वर्षों में राष्ट्रीय औसत से कम लाकर रहेंगे-भूपेश बघेल
रायपुर। जब तक देश के हर धर्म, हर जाति की आवाज विधानसभा और लोकसभा में सुनाई नहीं देगी। जब तक सबको लेकर नहीं चलेंगे तब तक हिन्दुस्तान की अर्थव्यवस्था और बेरोजगारी को सुधारा नहीं जा सकता है। उक्त बातें कांग्रेस के राष्ट्रीय नेता राहुल गांधी ने छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के साईंस कॉलेज मैदान में आयोजित राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव के शुभारंभ समारोह में कहीं।
राहुल गांधी आज मुख्य अतिथि के रूप में इस महोत्सव में शामिल हुए। महोत्सव का शुभारंभ करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि कुछ दिन पहले ही छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उनसे मुलाकात कर आदिवासियों के इस महोत्सव में शामिल होने का न्यौता देते हुए पूछा कि क्या वे महोत्सव में शामिल होने आयेंगे। इस पर उन्होंने कहा कि जहां आदिवासियों की बात आती है तो उनसे पूछने की जरूरत नहीं है। वे दो मिनट में ही उस कार्यक्रम में शामिल होने पहुंच जाते है।
राहुल गांधी ने कहा कि आज आदिवासियों के इस महोत्सव में हम अलग-अलग राज्यों व देशों का नाच व गाना देखेंगे और सुनेंगे। इसे देखकर व सुनकर हम आदिवासियों के इतिहास के बारे में थोड़ा समझने को मिलेगा। उन्होंने कहा कि मैं नहीं चाहता हूं कि आज सिर्फ हम महोत्सव में आवाज सुने और नाच देखे, बल्कि मैं चाहता हूं कि छत्तीसगढ़ चलाने में सरकार आपके विचारों को शामिल करें। उन्होंने कहा कि आज दूर-दूर से हिन्दुस्तान के अलग-अलग प्रदेशों से आदिवासी भाई-बहन यहां आये हुए है। ये पहला और बहुत अच्छा कदम है। इस कदम और और तेजी व मजबूरी से आगे ले जाना चाहिए।
राहुल गांधी ने कहा कि आदिवासियों के सामने बहुत समस्याएं है। उनकी समस्याएं छत्तीसगढ़ सरकार को सुनाई दे रही है। तेंदूपत्ता की बात हो या जमीन वापस देने की बात। प्रदेश सरकार आपके साथ मिलकर काम कर रही है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मुझे जानकारी दी कि यहां पहले जो हिंसा हुआ करती थी उसमें कमी आई है। हिंसा में कमी क्यों आई है, क्योंकि यहां की सरकार लोगों की आवाज सुनती है और विधानसभा में सबकी आवाज सुनाई देती है।
श्री गांधी ने कहा कि आज देश के हालात किसी से छिपे नहीं है, अन्य प्रदेशों में क्या हो रहा है, किसानों की समस्या, आत्महत्या, बेरोजगारी व अर्थव्यवस्था की हालत दोहराने की जरूरत नहीं है। मगर मैं एक बात जरूर कहना चाहता हूं कि बिना सबको लिए, हर धर्म, हर जाति, पिछड़ा वर्ग अन्य के बिना हिन्दुस्तान की अर्थव्यवस्था नहीं चलायी जा सकती है। उन्होंने कहा कि जब तक देश के सब लोगों की आवाज विधानससभा और लोकसभा में सुनाई नहीं देगी तब तक बेरोजगार और अर्थव्यवस्था को सुधारा नहीं जा सकता है। उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था को देश के किसान, मजदूर व आदिवासी चलाते है। नोटबंदी करो, गलत जीएसटी लागू करोगेे तो हिन्दुस्तान ना ही चल सकता है और ना ही यहां रोजगार पैदा होगा।
राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री श्री बघेल की प्रशंसा करते हुए कहा कि श्री बघेल सबको साथ लेकर, मिलकर प्रदेश को आगे ले जा रहे है , जिससे यहां फर्क दिखता है, हिंसा कम हुई, अर्थव्यवस्था को आगे ले जा रहे है। उन्होंने कहा कि भाई को भाई से लड़ाकर देश का फायदा कभी नहीं हो सकता। आज जो महोत्सव यहां हो रहा है अनेकता में एकता की सोच को देखकर किया जा रहा है। इस महोत्सव में अगल-अलग राज्यों व देशों के सभी लोगों को एक मंच पर नाचने व गाने का मौका मिलेगा। अपना-अपना इतिहास व कल्चर को दिखाने का मौका मिलेगा, क्योंकि कल्चर व आवाज सुनकर ही एकता बनती है। उन्होंने कहा कि अनेकता में ही एकता है।
राहुल गांधी ने इस महोत्सव के दौरान छत्तीसगढ़ लोककला पर आधारित कैलेण्डर का लोकार्पण भी किया।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने संबोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ में 40 प्रतिशत लोग गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करते है, वहीं देश में 22 प्रतिशत लोग गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करते है, जबकि छत्तीसगढ़ के सिर्फ दंतेवाड़ा में इसका प्रतिशत देखे तो यहां 60 प्रतिशत लोग गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करते है।
श्री बघेल ने कहा कि पूर्व यूपीए सरकार के कार्यकाल में मनरेगा योजना की शुरूआत की गई थी। इस योजना से देश के 14 करोड़ लोगों को रोजगार देकर उन्हें गरीबी रेखा के जीवन से बाहर निकाला गया। श्री बघेल ने कहा कि मैं संकल्प लेता हूं कि अपने कार्यकाल के बाकी चार वर्षों में वे दंतेवाड़ा के गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले 60 प्रतिशत को राष्ट्रीय औसत 22 प्रतिशत से भी कम लाकर रहेंगे।
राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव में आज राष्ट्रीय नेता राहुल गांधी व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के अलावा भारत में यूनाइटेड नेशन मिशन की चीफ यूएन रेजिडेंट कोऑर्डिनेटर रेनाटा लोक डेसालियन, पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार, छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डा. चरणदास महंत, विधानसभा उपाध्यक्ष मनोज सिंह मंडावी, छत्तीसगढ़ कांग्रेस प्रभारी पीएल पुनिया, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम, स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव, कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे, गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू, संस्कृति मंत्री अमरजीत सिंह, उद्योग मंत्री कवासी लखमा, स्कूल शिक्षा मंत्री डा. प्रेमसाय सिंह टेकाम, परिवहन मंत्री मोहम्मद अकबर, नगरीय प्रशासन मंत्री शिवकुमार डहरिया, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेडिय़ा, राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री गुरू रूद्र कुमार, उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल, सांसद दीपक बैज सहित अन्य प्रमुख लोग उपस्थित थे।

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