क्या पक रही है खिचड़ी कांग्रेस की नजर, भोपाल आरएसएस का मंथन शिविर, आज दूसरा दिन

कोरोना के बहाने संघ के मंथन शिविर में छत्तीसगढ़ और राजस्थान में भाजपा की सरकार नहीं बनाने और मध्यप्रदेश की तर्ज पर सरकार बना लेने का विचार चल रहा है। सत्ता प्राप्त किए जाने की चाबी संघ के पास है भले सत्ता पर काबिज भाजपा होती है।अब यह बात किसी से छुपी नहीं है।बहारहाल  कांग्रेस भी संघ की गतिविधियों पर नजर रख रही है। कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व अन्दर ही अन्दर मानता है कि कांग्रेस कमजोर है। नेतृत्व कमजोर का आरोप ढके छुपे तरीके से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता लगा रहे हैं। हलांकि खुलकर कोई नहीं आया है।
भोपाल में 5 दिन चलेगा मंथन शिविर संघ प्रमुख हिस्सा लेने भोपाल पहुंचे
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मंगलवार से संघ का मंथन शिविर शुरू हो गया है. केरवा के शारदा विहार एरिया में मंथन शिविर का संचालन हो रहा है. इसमें संघ के चुनिंदा पदाधिकारी और शीर्ष प्रचारक ही शामिल हो रहे हैं. वहीं, इसमें हिस्सा लेने संघ प्रमुख मोहन भागवत भोपाल पहुंच गए हैं.

इस मंथन शिविर में कोरोना काल में स्वयंसेवकों की जो भूमिका रही है, उस पर चर्चा होगी. साथ ही संघ की शाखाओं को कैसे कोरोना के बावजूद नियमों के पालन के साथ शुरू किया जाए, इस पर भी बातचीत होगी. दरअसल, मध्य प्रदेश में संघ के कई पदाधिकारी हाल के ही दिनों में कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं, जिससे आरएसएस चिंतित है.

इसके अलावा माना जा रहा है कि भारत-चीन विवाद के बीच आत्मनिर्भर भारत अभियान पर संघ की क्या भूमिका हो सकती है, उस पर भी चर्चा होगी और रणनीति बनाई जाएगी.

वहीं, मध्य प्रदेश में होने वाले उपचुनाव पर भी इस मंथन शिविर में चर्चा संभव है. हालांकि ये चर्चा 5 दिनों तक चलने वाले शिविर के अंतिम दो दिनों में ही संभव है. आखिरी दो दिनों में भाजपा नेता और पदाधिकारियों के भी शिविर में शामिल होने की संभावना जताई जा रही है.

मीडिया को संघ के इस मंथन शिविर से हर बार की तरह दूर रखा गया है, लेकिन संघ के सूत्रों की मानें तो इस शिविर में राम मंदिर निर्माण शुरू होने पर संघ देशभर में इसे लोगों के बीच कैसे लेकर जाएगा, इस पर भी चर्चा हो सकती है.

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