सुशांत की मौत हत्या या आत्महत्या सीबीआई करेगी जांच


नई दिल्ली: आखिर कार सुशांत सिंह हत्या आत्महत्या का मामला सीबीआई के पास पहुंच गया है। सुशांत के प्रशंसक चाह रहे थे कि इस घटना की निष्पक्ष जांच हो……बहरहाल अब तक शक की सुई अनेक बड़ी हस्तियों के ऊपर घुम चुकी है। जिसमें सलमान खान का नाम सबसे ऊपर है। पहली फुर्सत में खान बधुंओ का नाम उछला गया था वहीं सोशल मीडिया में खान बंधुओ के खिलाफ दुष्प्रचार चलता रहा और अब थमने के बाद नई नई कड़ियां जु़ड़ने लगी है। सुशांत की मौत का राज तलाशना सीबीआई के लिए लोहे के चने चबाने के बराबर होगा क्योंकि सीबीआई का मानना है की मौका-ए-वारदात से लिए गए फोटो और वास्तविक स्थिति में खासा अंतर होता है. साथ ही इस मामले में आरंभिक तौर से ही अनेक ऐसी लापरवाही दिखाई दे रही हैं जो पूरी जांच में मुश्किलों की पहाड़ खड़ा कर देंगीं.सुशांत की मौत का राज खोलने के लिए अब जांच में जुटी सीबीआई को मुश्किलों के पहाड़ नजर आने भी लगे हैं जो जांच में अनेक सवाल खड़े कर देंगे. सीबीआई के एक आला अधिकारी के मुताबिक इस मामले में मौका-ए-वारदात का क्राइम सीन पूरी तरह से गायब हो चुका है और उसकी जगह केवल जो फोटो लिए गए हैं वही सामने होंगीं.अधिकारी का मानना है कि मौका-ए-वारदात से लिए गए फोटो और सामने मौजूद डेड बॉडी में खासा अंतर होता है. साथ ही कैमरे में कौन सी चीज कहां थी इसका पता करना भी काफी मुश्किल हो जाता है. मसलन सुशांत का बेड कहां और किस स्थिति में था, उसकी बॉडी किस तरह से लटकी हुई थी, किस चीज से लटकी हुई थी और उसके गले पर जो निशान थे वह किसी कपड़े के थे या पट्टे के थे. फोटो से यह पहचान करना भी खासा मुश्किल है.सीबीआई सूत्रों के मुताबिक जांच में देरी इसलिए भी होगी क्योंकि मुंबई पुलिस का पूरा रिकॉर्ड मराठी भाषा में है और उसे मराठी से इंग्लिश में ट्रांसलेशन कराने में ही कुछ समय लग जाएगा. साथ ही अपने आप में यह भी बहुत महत्वपूर्ण होगा कि मुंबई पुलिस इस मामले में सीबीआई को कितना सहयोग करती है.सीबीआई सूत्रों के मुताबिक इस मामले में मुंबई पुलिस ने जिन लोगों के बयान दर्ज किए हैं उन लोगों को अब खोज कर बयान दर्ज करना भी अपने आप में एक अहम कार्य होगा. सुशांत की मौत का कोई भी चश्मदीद गवाह नहीं है केवल एक आदमी है जिसने डेड बॉडी को लटके देखा और उसने भी डेड बॉडी उतार दी. ऐसे में डेड बॉडी कहां और कैसे लटकी हुई थी उसके पैर कहां पर थे इन बातों को समझने के लिए भी सीबीआई को मशक्कत करनी पड़ेगी.सुशांत के कमरे की घटना वाले दिन और आज की स्थिति में भी जमीन आसमान का अंतर होगा. सीबीआई सूत्रों के मुताबिक इस मामले में यदि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का समय नहीं लिखा है तो यह पता कर पाना कि उसकी मौत कब हुई थी अपने आप में कठिन काम होगा.अधिकारी ने कहा कि इस मामले में अभी विसरा रिपोर्ट नहीं आई है लिहाजा सुशांत ने मरने से पहले क्या खाया था यह पता लगने की पूरी संभावना होगी.सीबीआई के एक आला अधिकारी ने कहा कि जिन लोगों ने सुशांत की बॉडी को हैंडल किया, जिस डॉक्टर ने पोस्टमार्टम किया और मौके के फोटोग्राफ के आधार पर सुशांत के मौत के राज को खोलने की कोशिश करेंगे.फिलहाल सीबीआई ने आधिकारिक तौर पर इस मामले में केवल इतना कहा है कि सुशांत की मौत की जांच जारी है और सीबीआई की एक टीम जल्दी जांच के लिए मुंबई जाएगी.

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