स्टूडेंस के भविष्य के साथ सरकार कर रही हैं राजनीति – अमित

 

*स्टूडेंस के भविष्य के साथ सरकार कर रही हैं राजनीति – अमित।*

अमित जोगी फाइल फोटो

*NEET-JEE पर सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला-*

*सुप्रीम कोर्ट ने कहा कोरोना के कारण जीवन को रोका नहीं जा सकता ।*

*सुप्रीम कोर्ट ने कहा हम नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के फैसले में दखल नहीं देना चाहते, इस फैसले में दखल देकर स्टूडेंस के भविष्य को हम खतरे में नहीं डाल सकते ।*

*रायपुर छ0ग0 दिनांक 28 अगस्त 2020 A जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के प्रदेश अध्यक्ष व अधिवक्ता श्री अमित जोगी ने देश के सबसे बड़े न्याय का मंदिर सुप्रीम कोर्ट द्वारा जेईई-नीट कराने के फैसले पर राज्य सरकार द्वारा स्टूडेंट के भविष्य के साथ राजनीति करने का आरोप लगाया हैं । उन्होंने कहा कि भूपेश बघेल जी पहले ही छत्तीसगढ़ के लाखों शिक्षित बेरोजगार युवाओं के जीवन के साथ उन्हें नौकरी ना देके खिलवाड़ कर चुके है और अब मुख्यमंत्री जी छत्तीसगढ़ के 18 साल से भी कम छात्र-छात्राओं को जेईई-नीट परीक्षा से वंचित कर राजनीति करते हुये उनके भविष्य के साथ खेल रहे हैं । उन्होंने ये तो कह दिया कि परीक्षा नही होनी चाहिए, लेकिन इससे 1 साल जो छात्रों को बर्बाद होगा, उसका जिम्मेदारी कौन लेगा?*

*अमित जोगी ने कहा कि मैं राष्ट्रीय नेत्री श्रीमति सोनिया गांधी जी के इस बात से सहमत हू कि छात्रों की स्वास्थ सुरक्षा को सबसे आगे रखा। लेकिन हिंदी में एक कहावत है “परोपकार घर से आरंभ होती है”। अगर आपको भारतवर्ष के छात्र-छात्राओं की स्वास्थ्य की फिक्र है, तो छत्तीसगढ़ के उन शिक्षित बेरोजगार युवाओं की फिक्र भी कीजिये जिनकी भर्ती परीक्षा तो आपके शासन ने ले ली लेकिन आज तक जोइनिंग नही दे पाई। आपकी सरकार की गैर-जिम्मेदराना हरकत के कारण ही छत्तीसगढ़ के हज़ारों-लाखों युवा आत्मदाह की कगार पे आके खड़े हो गये हैं । आपकी सरकार सुप्रीम कोर्ट में परीक्षा रोकने के लिए याचिका लगा रही हैं लेकिन जो छत्तीसगढ़ के उच्च न्यायालय ने आपको पुलिस भर्ती में फिजिकल टेस्ट पूरा करके 48,000 युवाओं को जोइनिंग देनी की बात की गई थी, उस पर सरकार ने अब तक अमल क्यू नही किया गया ? शिक्षक भर्ती के अभ्यार्थी भी लगभग 2 साल पहले परीक्षा देके बैठे हुए लेकिन उनकी जोइनिंग को लेकर राज्य सरकार ने कोई दिशा-निर्देश अभी तक नही दिए । SI भर्ती में राज्य सरकार ने विज्ञापन निकालने के बाद भी 2 साल हो गए सरकार परीक्षा तक नही करवा सकी । लाखों अनियमित कर्मचारियों को राज्य सरकार ने वादा किया था कि सत्ता पे स्थापित होते ही सारे कर्मचारियों को नियमित कर दिया जाएगा, लेकिन वहाँ भी आपकी सरकार विफल रही।*

*अमित जोगी ने भूपेश बघेल जी से पूछा कि किस मुँह से आप जेईई-नीट के परीक्षार्थियों के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं ? जबकि आपकी खुद की सरकार में नौकरी नही मिलने से स्व.हरदेव सिन्हा जैसे युवा को आपके ही निवास में आत्मदाह करने के लिए मजबूर कर दिया । अमित जोगी ने कहा कि मैं सुप्रीम कोर्ट के जेईई-नीट परीक्षा करने के फैसले के विरुद्ध नहीं हूँ और ना ही छात्र-छात्राओं के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने की पक्ष में हूँ। लाखों छात्र-छात्राओं अजीब दुविधा में फसे हुए है, एक तरफ परीक्षा होने से उन्हें अपने स्वास्थ्य की चिंता है तो दूसरी तरफ परीक्षा ना होने से पूरे एक साल गवाने की फिक्र सता रही है। मैं राज्य सरकार से कहना चाहता हूँ की इस संवेदनशील मुद्दे पे राजनीति न करें और केंद्र सरकार के साथ विचार विमर्श करके कुछ ऐसा रास्ता निकाले जिससे छात्र-छात्राओं की स्वास्थ्य भी सलामत रहे और उनका एक साल भी बर्बाद न हो।

 

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