16 दिन बाद भी कागजों में फसी है अनुकम्पा नियुक्ति, बीएसपी प्रबंधन के साथ तीसरी वार्ता विफ़ल…विधायक देवेंद्र यादव से आदिवासी समाज हुआ नाराज

दुर्ग,भिलाई

पिछले 16 दिनों से भिलाई स्टील प्लांट में कार्यरत स्व. कार्तिक राम ठाकुर जी का पार्थव शरीर सेक्टर 9 के मरचुरी में रखा हुआ है। मृतक स्व. कार्तिक राम ठाकुर जी का इलाज पिछले 24 नवंबर 2020 से सेक्टर 9 हॉस्पिटल में चल रहा था, डॉक्टरों द्वारा उनकी दोनों किडनी फेल होने की जानकारी मिलते ही मृतक ने BSP मैनेजमेंट को अपने गरीब परिवार के पालन पोषण हेतु अपने पुत्र को अनुकम्पा नियुक्ति हेतु लिखित तौर में अपनी अंतिम इच्छा भेजी थी।ú

परिवार एवं समाज अनुकम्पा नियुक्ति की बात पर अडिग है जबकि BSP प्रबंधन प्रक्रिया पूरा न होना, समय पर मेडिकल बोर्ड न बैठने जैसी मानवीय गलतियों के कारण अनुकम्पा नियुक्ति न दे पाने का हवाला दे रहा है।

आज सेक्टर 6 कोतवाली थाना में एसपी रोहित झा एवम एडीएम सार्वा जी की उपस्थित में बीएसपी प्रबंधन और पीड़ित परिवार/समाज के बीच बैठक आयोजित किया गया, जिसमे प्रशासन ने मेडिकल रिपोर्ट अनुसार किडनी के सभी तरह के टेस्ट और किडनी फेलियर की बात तो स्वीकारी किंतु बीएसपी प्रबंधन, मेडिकल बोर्ड में चर्चा की बात का बहाना बना पीड़ित परिवार को अनुकम्पा नियुक्ति से वंचित करने से नहीं चूक रहा है।

स्व कार्तिक राम ठाकुर जी की मृत्यु हुए आज 16 वां दिन बीत गया है, सीएसपी रोहित झा एवं ADM सार्वे जी की उपस्थिति में आदिवासी समाज, मृतक के परिवार एवं बीएसपी प्रबंधन की पांच सदस्यीय टीम के बीच लम्बी बैठक पूर्णतः बेनतीजा रहा।

ज्ञात हो कि हस्पताल प्रबंधन ने councilling के बहाने खाली दस्तावेजो में पीड़ित परिवार का हस्ताक्षर ले लिया था। अब प्रबंधन स्व. कार्तिक राम ठाकुर जी के इसी हस्ताक्षर को आधार बनाकर किडनी फेलियर की बात को नकार रहा है ।

आदिवासी समाज का इससे पूर्व में बीएसपी प्रबंधन के साथ एक और बुरा अनुभव रहा है जिसे साझा करते हुए देवेंद्र नेताम जी कहते है की सन 2018-19 में स्व. राम कुमार ध्रुव जी प्लांट में ड्यूटी के दौरान दुर्घटना का शिकार हो गए थे, जिनकी मृत्यु मेडिकल पोस्ट 1 पहुचने से पहले हो चुकी थी। तब भी यही बीएसपी प्रबंधन अनुकम्पा नियुक्ति न देने के लिए 14 दिन तक परिवार एवं समाज को गुमराह करता रहा और कूटरचना कर दुर्घटना को बीमारी और मेडिकल हिस्ट्री बताने में जुटा रहा। ऐसे आई आर डिपार्टमेंट के एस. के. सोनी और उनके सहयोगियों पर एट्रोसिटी के तहत एफआइआर दर्ज होनी चाहिए।

चूंकि किडनी फेलियर में अनुकम्पा नियुक्ति का प्रावधान है इसलिए परिवार की मांग जायज़ है। पूर्व बैठकों में एसडीएम ज्योति पटेल ने भी मौखिक तौर पर किडनी फेलियर की बात मानी थी किंतु प्रबंधन ने टाल-मटोल कर नियुक्ति पर चुप्पी साध ली है जो की प्रबंधन की गलत मंशा को साफ तौर पर ज़ाहिर करती है और समाज की नज़र में बेहद निंदनीय है ।

*स्थानीय विधायक देवेन्द यादव पर फूटा समाज का गुस्सा।*

आदिवासी समाज का कहना है आज 16 दिन से स्व. कार्तिक राम ठाकुर जी का शव मर्चुरी में रखा हुआ है लेकिन स्थानीय विधायक देवेंद्र यादव एक बार झांकने तक नहीं पहुंचे, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेमप्रकाश पांडेय भी नदारद है ये सभी चुनाव के समय समाज के पास हाथ जोड़कर वोट मांगने आते है लेकिन विपत्ति के समय कोई भी पूछने नहीं आया।
समाज इन तमाम बातों से आक्रोशित है और जल्द ही प्रदेश स्तरीय उग्र आंदोलन करेगा।

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