पुरुष नसबंदी के लिए प्रदेशभर में लगेंगे 2,500 मोर संगवारी-मोर मितान चौपाल

27 जून से 24 जुलाई तक दो चरणों में मनाया जाएगा जनसंख्या स्थिरीकरण पखवाड़ा

रायपुर, 26 जून 2021। इस वर्ष विश्व जनसंख्या दिवस को लेकर प्रदेश के सभी जिलों में जनसंख्या स्थिरीकरण पखवाडा 27 जून से मनाया जाएगा। प्रथम चरण के पखवाड़े के दौरान 27 जून से 10 जुलाई तक लक्ष्य दम्पतियों से संपर्क कर परिवार नियोजन के स्थाई एवं अस्थाई साधनों की सेवाओं के बारे में जानकारी दी जाएगी। इस बारे में राज्य परिवार कल्याण कार्यक्रम अधिकारी डॉ. रविशंकर सत्यार्थी ने बताया, “ऐसे गांव जहां परिवार नियोजन में महिलाओं की ज्यादा व पुरुषों की भागीदारी कम हो वहां समुदाय स्तर पर मोर मितान मोर संगवारी कार्यक्रम से लोगों को जागरुक किया जाएगा। इस वर्ष 2,500 गांवों में मोर संगवारी-मोर मितान चौपाल लगाकर पुरुष नसबंदी से जुड़ी भ्रांतियां को दूर करने के लिए प्रभावशाली प्रयास किए जाएंगे। मोर मितान-मोर संगवारी कार्यक्रम के जरिए गांव में चौपाल लगाई जाती है। इसमें पुरुष नसबंदी करवा चुके लोगों को सम्मानित किया जाता है। पुरुष नसबंदी कराने में पहल करने वाले पुरुषों द्वारा चौपाल में पुरुष नसबंदी से जुड़ी भ्रांतियों को दूर किया जाता है”। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जनसंख्या स्थिरीकरण पखवाड़ा 27 जून से 24 जुलाई तक गतिविधियों को आयोजित करने के लिए विडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये सभी जिलों के परिवार कल्याण अधिकारियों व सीएमएचओ को निर्देश दिए गए हैं।

 बॉस्केट ऑफ च्वाइस से मिल सकेगा परिवार नियोजन के साधनों की काउंसिलिंग- 

स्वास्थ्य विभाग के उप संचालक डॉ. सत्यार्थी ने बताया, “जनसंख्या स्थिरीकरण पखवाड़े को दो भागों में विभाजित किया गया है। पहला पखवाड़ा मोबलाईजेशन पखवाड़ा नाम से 27 जून से 10 जुलाई 2011 तक मनाया जाएगा। इस दौरान लक्ष्य दंपति सर्वे रजिस्टर बनाया जाएगा जो मितानिन के सहयोग से महिला स्वास्थ्य संयोजक अपडेट करेंगे। इस सर्वे से ऐसे दंपतियों को चिन्हित किया जाएगा जिन्हें परिवार नियोजन कार्यक्रम अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। जनसंख्या स्थिरीकरण पखवाड़ा के दौरान दम्पतियों को बॉस्केट ऑफ च्वाइस के तहत परिवार नियोजन के साधन अपनाने के लिए काउंसिलिंग भी की जायेगी।

इस पखवाड़े में जनता के बीच जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग द्वारा परिवार कल्याण की गतिविधियों के लिए कंटेंमेंट जोन को छोड़कर कार्यक्रम संचालित किया जाना है। उन्होंने कहा 27 जून से 10 जुलाई तक लक्ष्य दम्पति संपर्क पखवाडा के दौरान परिवार नियोजन साधन की आवश्यकता, सही समय पर विवाह, बच्चों के जन्म में अंतराल से संबंधित पोस्टर चस्पा कराया जाएगा। जिससे मां-बच्चे के स्वास्थ्य में  सुधार हो। दूसरा पखवाड़ा जनसंख्या स्थिरीकरण पखवाड़ा के नाम से 10 जुलाई से 24 जुलाई तक मनाया जाएगा। इस पखवाड़े में परिवार नियोजन साधनों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। प्रत्येक गाँव, जिला और ब्लाक में प्रचार-प्रसार के साथ ही जागरुकता अभियान चलाया जाएगा”।

 ब्लॉक स्तर पर सर्वश्रेष्ठ आरएचओ को मिलेगा पुरस्कार –

परिवार नियोजन के स्थायी व अस्थायी साधन अपनाने के लिए सर्वाधिक हितग्राहियों को प्रेरित कर सेवा उपलब्ध कराने वाले ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक महिला व पुरुष को अलग-अलग ब्लॉक स्तर पर पुरस्कार दिया जाएगा। ब्लॉक स्तर में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले आरएचओ को प्रथम पुरस्कार के रूप में 2,000 रुपए और द्वितीय पुरस्कार के रूप में  1,000 रुपए प्रदान किये जायेंगे। परिवार नियोजन के लिए नसबंदी अपनाने वाले दम्पतियों को निश्चित सेवा दिवस के तहत स्वास्थ्य केंद्रों में पंजीयन कर सुविधा अनुसार सेवा प्रदान की जायेगी। इसके लिए मितानिन व आरएचओ के द्वारा चयनित दम्पितयों को पंजीयन के आधार पर सेवा मिल सकेगी। नसबंदी सेवाएँ  सामान्य कोविड -19 दिशानिर्देशों का पालन करते हुए प्रदान की जायेंगी। हितग्राहियों को अस्पतालों तक पहुंचाने के दौरान मास्किंग, हैंड सेनेटाइजिंग, 6 फीट की दूरी बनाये रखना अनिवार्य होगा एवं गर्भनिरोधक की डोर-टू-डोर डिलिवरी और कोविड-19 संक्रमण के लिए मितानिनों का ऑनलाइन प्रशिक्षण भी किया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *