‘मन की बात’ का 69वां एपिसोड,कोराना वायरस महामारी, परिवार का महत्‍व अब समझ आ रहा है पीएम मोदी

नई दिल्‍ली
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज ‘मन की बात’ का 69वां एपिसोड लेकर आए हैं। उन्‍होंने कोरोना वायरस महामारी से जीवन में आए बदलावों का जिक्र करते हुए कहा क‍ि परिवार का महत्‍व अब समझ आ रहा है। उन्‍होंने लॉकडाउन में गुजारे गए पलों को याद किया। प्रधानमंत्री ने कहानी सुनाने की कला का जिक्र करते हुए कहा कि ‘कहानियों का इतिहास उतना ही पुराना है जितनी कि मानव सभ्‍यता।’ उन्‍होंने हितोपदेश और पंचतंत्र का जिक्र करते हुए कहा कि कहानियों से विवेक और बुद्धिमत्‍ता का संदेश दिया जाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘बेंगलुरु स्‍टोरी टेलिंग’ ग्रुप से एक कहानी सुनाने की दरख्‍वास्‍त की। उन्‍होंने राजा कृष्‍णदेव राय की एक कहानी सुनाई जिसमें तेनालीराम का भी जिक्र था।

आइए जानते हैं कि ‘मन की बात’ के ताजा संस्‍करण में पीएम मोदी ने क्‍या बड़ी बातें कहीं।

भारत में रही है किस्‍सागोई की परंपरा
“कहानियों का इतिहास उतना ही पुराना है जितनी कि मानव सभ्यता। कहानियां, लोगों के रचनात्मक और संवेदनशील पक्ष को सामने लाती हैं, उसे प्रकट करती हैं। कहानी की ताकत को महसूस करना हो तो जब कोई माँ अपने छोटे बच्चे को सुलाने के लिए या फिर उसे खाना खिलाने के लिए कहानी सुना रही होती है तब देखें। मैं अपने जीवन में बहुत लम्बे अरसे तक एक परिव्राजक के रूप में रहा। घुमंत ही मेरी जिंदगी थी। हर दिन नया गांव, नए लोग, नए परिवार। साथियों, भारत में कहानी कहने की, या कहें किस्सागोई की, एक समृद्ध परंपरा रही है।”

“हमें गर्व है कि हम उस देश के वासी है, जहां हितोपदेश और पंचतंत्र की परंपरा रही है। जहां कहानियों में पशु-पक्षियों और परियों की काल्पनिक दुनिया गढ़ी गई, ताकि विवेक और बुद्धिमता की बातों को आसानी से समझाया जा सके। तमिलनाडु और केरल में कहानी सुनाने की बहुत ही रोचक पद्धति है। इसे ‘विल्लू पाट्’ कहा जाता है। इसमें कहानी और संगीत का बहुत ही आकर्षक सामंजस्य होता है। हमारे यहां कथा की परंपरा रही है। ये धार्मिक कहानियां कहने की प्राचीन पद्धति है । इसमें ‘कताकालक्षेवम्’ भी शामिल रहा। हमारे यहां तरह-तरह की लोक-कथाएं प्रचलित हैं।”

‘परिवार का हर सदस्‍य सुनाए एक कहानी’
“हम कथा-शास्त्र को और अधिक कैसे प्रचारित करें, पॉपुलर करें, और, हर घर में अच्छी कथा कहना, अच्छी कथा बच्चों को सुनाना, ये जन-जीवन की बहुत बड़ी क्रेडिट हो। ये वातावरण कैसे बनाएं, उस दिशा में हम सबने मिल करके काम करना चाहिए। मैं, ज़रूर आपसे आग्रह करूंगा, परिवार में, हर सप्ताह, आप, कहानियों के लिए कुछ समय निकालिए। आप देखिये कि, परिवार में कितना बड़ा खजाना हो जाएगा, रिसर्च का कितना बढ़िया काम हो जाएगा, हर किसी को कितना आनंद आएगा और परिवार में एक नयी प्राण, नयी उर्जा आएगी।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने माली में रहने वाले सेदू देमबेले से भी परिचय कराया। पीएम ने कहा, “माली, भारत से दूर, पश्चिम अफ्रिका का एक बड़ा और लैंडलॉक्‍ड देश है। सेदू देमबेले, माली के एक शहर, कीटा के एक पब्लिक स्कूल में शिक्षक हैं, वे, बच्चों को इंग्लिश, म्‍यूजिक और पेंटिंग पढ़ाते हैं, सिखाते हैं। लेकिन उनकी एक और पहचान भी है – लोग उन्हें माली के हिंदुस्तान का बाबू कहते हैं, और, उन्हें ऐसा कहलाने में बहुत गर्व की अनुभूति होती है। प्रत्येक रविवार को दोपहर बाद वे माली में एक घंटे का रेडियो कार्यक्रम प्रस्तुत करते हैं, इस कार्यक्रम का नाम है ‘इंडियन फ्रीक्‍वेंसी ऑन बॉलिवुड सॉन्‍ग्‍स’, इसे वे पिछले 23 वर्षों से प्रस्तुत करते आ रहे हैं। भारत से उनके गहरे जुड़ाव की एक और वजह ये भी है, कि, उनका जन्म भी 15 अगस्त को हुआ था । सेदू जी ने दो घंटे का एक और कार्यक्रम अब प्रत्येक रविवार रात 9 बजे शुरू किया है, इसमें वे बॉलीवुड की एक पूरी फिल्म की कहानी फ्रेंच और बमबारा में सुनाते हैं।”

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