सरपंच पतियों से प्रशासन परेशान, पुलिस चौकी के बाहर लिखा, सरपंच पति बताकर प्रवेश वर्जित

किशोर कर ब्यूरोचीफ महासमुंद

महासमुंद। महिलाओं को ग्रामीण अपना मताधिकार देकर जनप्रतिनिधि तो चुनते हैं। लेकिन, बाद में पूरे काम-काज का जिम्मा या तो उनके पति देखते हैं या फिर कोई दूसरा प्रतिनिधि। ऐसे में जिस मकसद से महिला को समाज में खुलकर आने की बात सिर्फ कागजों में रह जाती है। इसी मकसद को लेकर महासमुंद जिले के बुंदेली चौकी प्रभारी विकाश शर्मा ने पहल करते हुए चौकी में एक नोटिश बोर्ड चिपकवाया है। जिसमें लिखा है कृपया सरपंच पति बताकर चौकी में प्रवेश न करें। लोगों की समस्या के लिए चुने हुए जनप्रतिनिधि ही प्रवेश करें। इस नोटिश बोर्ड के बाद आस-पास के पंचायतों में हडकंप हैं। जहां पर अधिकांश पंचायतों में महिला सरपंच पतियों का दबदबा है।
चौकी प्रभारी विकास शर्मा ने बताया कि बहुत बार ऐसे मौके आते हैं,  जब लोग खुद को एसपी (सरपंच पति) बताते हैं।  और एसपी का अर्थ पूछने पर सरपंच पति कहते हैं, चुने हुए महिलाओं को आगे आने का मौका मिले, इसलिए ऐसा किया गया है, उन्होंने निवेदन किया कि लोगों की समस्याओं के लिए चुने हुए जनप्रतिनिधि ही खुद आगे आएं।
जिले में 545 ग्राम पंचायत हैं, जिसमें 50 फीसदी के करीब पंचायतों में महिला सरपंच हैं। जिले के बहुत ही कम पंचायतों में ही महिला सरपंच खुद आगे आकर काम कर रही हो। बुंदेली चौकी की ये सराहनीय कदम है, महिलाओं और ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों को उनके भरोसे का सम्मान दिलाने का।

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