नक्सल विरोधी अभियान में शामिल होकर बस्तर के युवा एसपीओ बने थे,इसके बाद सहायक आरक्षक लेकिन समान काम के बाद भी नही मिल रहा है समान वेतन

  (ठाकुर दिलीप सिंह बस्तर सभांग ब्यूरो चीफ )सहायक आरक्षको के परिजनो ने मुक्तिमोर्चा से जायज मांगो व समस्याओं के निराकरण हेतु संघर्ष में सारथी बनने का किया आव्हान-नवनीत*

**समान काम, समान संम्मान घोषणा को पूरा करे ,सरकार 15 वर्ष से जवानों की समस्याए जस की तस,बेच नम्बर भी नही नसीब-मुक्तिमोर्चा*

**जवानों की मांगों को पूरा करवाने , जनता के बीच समर्थन हस्ताक्षर अभियान चलाएगा मुक्तिमोर्चा-नवनीत*

**बस्तर में नक्सलवाद के खिलाफ राज्य सरकार की नीति गत लड़ाई की योजनाओं के तहत बस्तर के आंतरिक नक्शल प्रभावित गांवों के युवा व अन्य बस्तर के युवाओं को सरकार द्वारा मुख्य धारा में जोड़ने की मुहिम के चलते व बस्तर के आंतरिक व भूगोलिक परिस्थितियों के परिचायक इन युवाओं की उपस्थिति से नक्शल ऑपरेशन में बड़ी सफलता प्राप्त करने की नीयत से 2005 में एस पी ओ के पदों पर हजारों की संख्या में बस्तर के युवाओं को भर्ती किया गया ,वही सरकार द्वारा ट्रेनिंग दे इन्हें लंबे समय तक बस्तर मे नक्शलवाद के ऑपरेशन में प्रयोग कर कई बड़ी सफलताएं भी प्राप्त किया गया ,जिसमे कई बस्तर के युवाओं ने शहादत भी प्राप्त की ,इस अभियान की नीतियों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगी ,जिसमे 2011 में कोर्ट के फैसले पर राज्य सरकार द्वारा अपनी नीतियों में परिवर्तन कर इन हजारों जवानों को सहायक आरक्षक के पदों पर नियुक्त किया गया पर न तो इनका वेतन व प्रमोशन ,बेच, व अन्य ज़रूरी सुविधाओं का निर्धारण आज पर्यंत तक नही किया गया है। जिस से जवानों व उनके परिजनों को अनेकों परेशानीयो का सामना करना पड़ रहा है। जवानों के परिजनों द्वारा उतपन्न समस्याओ के निराकरण हेतु पहल के आव्हान के साथ बस्तर अधिकार मुक्तिमोर्चा से मुलाकात कर जवानों व उनके परिजनों के संघर्ष में सारथी बनने की अपील किया गया है। बस्तर अधिकार मुक्तिमोर्चा के सम्भागीय सयोंजक नवनीत चाँद व जिला सयोंजक भरत कश्यप ने जवानों के परिजनों को उनकी जायज मांगो के पूरा करवाने के इस संघर्ष में साथ देने का वादा कर जारी बयान में यह कहा की ,खुद को संवेदनशील कहने वाली केंद्र व राज्य की सरकार बस्तर के जवानों की समस्याओं का तत्काल निराकरण करे,बस्तर जैसे संवेदनशील इलाकों में जहां नक्शलवाद के खिलाफ लड़ाई में इन जवानों की महत्वपूर्ण भूमिका से सफल ऑपरेशन का श्रेय सरकार लेती है। तो उनकी समस्याओं के निराकरण का कर्तव्य भी सरकारो को निभाना होगा ,राज्य व केंद्र सरकारें फोर्स में भेदभाव को खत्म कर समान काम समान वेतन व समान सम्मान को लागू करवाये क्योंकि यह घोषणा राज्य सरकारों के जन घोषणा पत्र में भी शामिल था। बस्तर व देश का मान व सम्मान की रक्षा करने वाले इन सहायक आरक्षको को वेतन निर्धारण व अन्य सुविधाएं मुहैया करवाया जाए वह पुलिश प्रशासन में इनकी पहचान बेच नम्बर निधारित किया जाए ,देश की सेवा के दौरान वीर गति प्राप्त होने पर केंद्रीय बल हेतु निधारित सहायतार्थ राशि व सुविधाये दिए जाएं,मुक्तिमोर्चा जवानों की जायज् मांगों को पूरा करवाने हेतु बस्तर की जनता को इस मुहिम से जोड़ने हेतु समर्थन हस्ताक्षर अभियान चलाएगी ,बस्तर के जनप्रतिनिधियों के माद्यम से सरकार तक इनकी बात पहुचायेगी*

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