मंत्री गुरू रूद्र कुमार के विभागों की अनुदान मांगे विधानसभा में पारित

रायपुर 8 मार्च 2021/ लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी और ग्रामोद्योग विभाग के अनुदान मांगे आज छत्तीसगढ़ विधानसभा में पारित हो गई है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी और ग्रामोद्योग मंत्री गुरु रूद्रकुमार ने अनुदान मांग पर बजट प्रस्ताव प्रस्तुत किया। जो कि ध्वनिमत से पारित हो गई।
मंत्री गुरु रुद्रकुमार ने आज विधानसभा में बजट अभिभाषण प्रस्तुत किया। बजट अनुदान में मिनीमाता अमृतधारा नल जल योजना अंतर्गत बजट में 11 करोड़ का प्रावधान, हैण्ड पम्प योजना अंतर्गत बजट में 69 करोड़ 50 लाख का प्रावधान, हैण्ड पम्पों के संधारण कार्य के लिए 28 करोड़ 32 लाख का बजट प्रावधान, प्रगतिरत नल जल प्रदाय योजना हेतु 10 करोड़ रूपए का बजट, नल जल प्रदाय योजनाओं के संधारण कार्य के लिए 6 करोड़ 92 लाख रूपए, स्थल जल प्रदाय योजनाओं के संधारण कार्य के लिए एक करोड़ 31 लाख रूपए, प्रगतिरत समूह जल प्रदाय योजना के लिए 18 करोड़ 50 लाख रूपए, समूह जल प्रदाय योजना का संचालन एवं संधारण के लिए 15 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। इसी तरह राज्य की महत्वाकांक्षी योजना नरवा, गरूवा, घुरवा, बाड़ी के अंतर्गत बनाए जाने वाले गौठानों में पेयजल व्यवस्था के लिए 10 करोड़ रूपए, स्कूलों में पेयजल व्यवस्था के लिए 6 करोड़ रूपए, आंगनबाड़ी एवं उप स्वास्थ्य केन्द्र में प्रगतिरत योजनाओं के अंतर्गत पेयजल व्यवस्था के लिए 5 करोड़ रूपए, आदिवासी बाहुल्य एवं पहाड़ी क्षेत्रों में सोलर आधारित पेयजल व्यवस्था के लिए 5 करोड़ रूपए, राजीव गांधी सर्वजल योजना के लिए एक करोड़ 34 लाख रूपए, मुख्यमंत्री चलित संयंत्र पेयजल योजना के लिए 3 करोड़ 35 लाख रूपए, भू-जल संवर्धन कार्य के लिए 52 लाख रूपए, नगरीय निकाय क्षेत्रों में नलकूपों के खनन कार्य के लिए 3 करोड़ रूपए, नगरीय निकाय क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था के लिए 79.08 करोड़ रूपए, मेकाहारा अस्पताल में जल प्रदाय के लिए 67 लाख रूपए, आईआईटी भिलाई में जल प्रदाय व्यवस्था के लिए 2 करोड़  एक लाख रूपए का प्रावधान किया गया है। मंत्री गुरु रुद्रकुमार द्वारा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग हेतु बजट अनुदान मांग पर 826 करोड़ 58 लाख 34 हजार रुपए प्रस्तुत किया गया।
ग्रामोद्योग विभाग के अंतर्गत 117 करोड़ 23 लाख रुपए के बजट अनुदान मांगे पारित
ग्रामोद्योग मंत्री गुरू रूद्रकुमार ने ग्रामोद्योग विभाग के लिए वर्ष 2021-22 में 117 करोड़ 23 लाख 87 हजार रूपए का बजट प्रावधान प्रस्तुत किया। बजट में ग्रामोद्योग के माध्यम से ग्रामीण अंचल में हितग्राही उत्थान मूलक योजनाओं के संचालन के लिए इस वर्ष 4 लाख से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया गया। इस वर्ष लगभग 4 लाख 20 हजार लोगों को रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया है। बुनकरों, हस्तशिल्पियों, माटीशिल्पियों के माध्यम से आजीविका बढ़ाने एवं रोजगार सृजन के लिए बजट में प्रावधान किया गया है। वहीं रेशम प्रभाग के द्वारा संचालित योजनाओं टसर उत्पादन, मलबरी उत्पादन, नैसर्गिक कोसा एवं संग्रहण के साथ-साथ प्रशिक्षण एवं अनुसंधान कार्यक्रम के लिए 98.74 करोड़ का प्रावधान, हाथकरघा प्रभाग द्वारा प्रदेश में हाथकरघा गतिविधियों को बढ़ावा देने एवं योजनाओं के सुचारू रूप से संचालन वर्ष 2021-22 बजट के लिए 22 करोड़ 56 लाख 15 हजार रूपए का प्रावधान, हस्तशिल्प विकास बोर्ड विकास के लिए वर्ष 2021-22 में प्रदेश के हस्तशिल्पियों के सर्वांगीण विकास के लिए 14 करोड़ 35 लाख रूपए का प्रावधान,खादी ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा संचालित योजनाओं के लिए बेहतर क्रियान्वयन एवं मुख्यमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम तथा कारीगर प्रशिक्षण योजना के लिए बजट में 8 करोड़ 25 लाख रूपए का प्रावधान और  माटीकला से जुड़े शिल्पियों के कलात्मक सृजनता का संरक्षण एवं संवर्धन और उनके आर्थिक उन्नयन के लिए माटीकला बोर्ड द्वारा वर्ष 2021-22 में टेराकोटा ग्लेजिंग यूनिट की स्थापना तथा विकास अनुदान योजना हेतु 4 करोड़ रूपए का बजट में प्रावधान हेतु अनुदान मांगे प्रस्तुत की गई।

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