Sunday, July 21

चरणदास महंत की भावानात्मक अभिव्यक्ति ‘ईश्वर के अलावा किसी ने मदद नहीं की’ वरिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेव

आमतौर पर नेतागण जीतने के बाद कुछ इस तरह का बयान देते हैं कि ‘हमें पूरा विश्वास था, हमने काम किया था, हमारे कार्यकर्ताओं ने जोश से काम किया, पहले से जानते थे कि हम जीतेंगे, जनता ने आदेश दिया है, जनता का आदेश शिरोधार्य है’…. आदि। नेता अपना आत्मविश्वास, अपने काम पर गर्व जताते हैं।

जबकि चुनाव जीतने के बाद छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ नेता चरणदास महन्त ने बेहतरीन भावनात्मक बयान दिया है। महन्त ने अपनी पत्नी ज्योत्सना महन्त की कोरबा लोकसभा सीट से जीत पर कहा कि आप ‘यदि ईश्वर में भरोसा करते हैं और गरीबों की मदद करते हैं तो भगवान, खुदा खुद ही आपकी मदद करते हैं।

इसके अलावा उन्होंने कहा कि ‘इन चुनावों में ईश्वर के अलावा किसी ने भी हमारी मदद नहीं की’। उनके इस बयान का जनता ने तो स्वागत किया है लेकिन राजनैतिक हल्कों में आश्चर्य के साथ देखा जा रहा है। ‘ईश्वर के अलावा किसी ने मदद नहीं की’ इस बात का राजनैतिक पण्डित अपने-अपने हिसाब से कयास लगा रहे हैं।

आम धारणा यही है कि ये महन्त की व्यथा है। इससे पहले पिछले वर्ष 2023 के छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनावोें में वरिष्ठ कांग्रेसी नेता पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव को भी कुछ लोगों द्वारा जानबूझकर षड्यंत्र के तहत हराया गया, ऐसी चर्चा है।

क्या प्रदेश के अन्य वरिष्ठ कांग्रेसी नेता चाहते थे कि उनकी धर्मपत्नी वरिष्ठ नेत्री ज्योत्सना महन्त चुनाव हार जाएं और इसलिये महन्त की मदद नहीं की ? यदि ऐसा नहीं है तो फिर मदद न करने का क्या कारण हो सकता है ? और चरणदास महन्त को ऐसा क्यों कहना पड़ा कि ईश्वर के अलावा किसी ने मदद नहीं की।

महन्त परिवार से स्वयं चरणदास महन्त या उनकी पत्नी ज्योत्सना महन्त सांसद बनते आए हैं। इनका क्षेत्र में अच्छा प्रभाव है।

गौरतलब है कि महन्त परिवार हमेशा विवादो से परे रहे हैं। भ्रष्टाचार के मामले हों या कांग्रेस की अंदरूनी लड़ाई, कहीं भी इस परिवार पर छींटे नहीं पड़ते।

चर्चा है कि इससे पहले टीएस सिंहदेव को भी षड्यंत्र के तहत हराया गया था। राजनीति में अपने प्रतिद्वंदियों को रास्ते से हटाने की परम्परा प्राचीन काल से चली आ रही है।

हर नेता अपना रास्ता साफ करने के लिये दूसरे नेता की जड़ें खोदता ही है। यहां सवाल है कि महन्त परिवार से किसे और क्या तकलीफ है कि चरणदास महन्त को ऐसा कहना पड़ा।

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जवाहर नागदेव, वरिष्ठ पत्रकार, लेखक, चिन्तक, विश्लेषक
मोबा. 9522170700
‘बिना छेड़छाड़ के लेख का प्रकाशन किया जा सकता है’
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