पिछड़े मुसलमानों के जाति प्रमाण पत्र की गुत्थी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सुलझाए- रिजवी

रायपुर।  24/09/2020। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के मीडिया प्रमुख, मध्यप्रदेश पाठ्यपुस्तक निगम के पूर्व अध्यक्ष, पूर्व उपमहापौर तथा वरिष्ठ अधिवक्ता इकबाल अहमद रिजवी ने सन् 1984 में अविभाजित मध्यप्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री स्व. अर्जुन सिंह द्वारा प्रदेश के अल्पसंख्यक मुस्लिमों के विकास एवं कल्याण को ध्यान में रखकर तत्कालीन मंत्री श्री दिग्विजय सिंह की अध्यक्षता में आठ सदस्यों की एक जांच समिति गठित कर सुझाव आमंत्रित किए थे। समिति की बैठकों में मुस्लिमों की समस्याओं एवं उनका हल करने की दिशा में मंथनोंपरांत रिपोर्ट स्व. अर्जुन सिंह को सौंपी गई थी। उस समिति में मैं भी सदस्य के रूप में नामजद किया गया था।
रिजवी ने बताया है कि उक्त जांच रिपोर्ट में मुस्लिम समाज की 32 उपजातियों को पिछड़ा वर्ग में शामिल किया गया था, परन्तु का खेद का विषय है कि उन जातियों का प्रमाण पत्र बनाने की दिशा में कोई नियम या नीति नहीं बनाई गई। जिस कारण आज तक इन 32 मुस्लिम उपजातियों का प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहा है, क्योंकि पहले मुस्लिम समाज के लोग दाखिले के समय अपनी उपजाति नहीं लिखवाया करते थे। प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल से निवेदन है कि 32 उपजातियों का पिछड़ा वर्ग का प्रमाण पत्र बनाने हेतु कोई निर्णय ले ताकि पिछड़ा वर्ग का लाभ मुसलमानों की 32 उपजातियों को प्राप्त हो सके

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